{"_id":"682a13336eee4bf3690d1d6f","slug":"save-upper-valley-organization-vocal-against-turkish-railway-survey-kullu-news-c-89-1-ssml1015-147856-2025-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: तुर्की रेलवे सर्वे के खिलाफ मुखर अपर वैली बचाओ संगठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: तुर्की रेलवे सर्वे के खिलाफ मुखर अपर वैली बचाओ संगठन
Sun, 18 May 2025 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 18 May 2025 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन
नग्गर/पतलीकूहल। बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे परियोजना को लेकर अपर वैली बचाओ संगठन मुखर हो गया है। संगठन ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा।
इसमें देशहित को सर्वोपरि रखते हुए परियोजना के सर्वेक्षण कार्य को तुर्की कंपनी से हटाकर भारतीय एजेंसियों को सौंपने और प्रस्तावित मार्ग के पुनर्विचार की मांग की गई है।
संगठन के अध्यक्ष नारंतक शर्मा ने कहा कि परियोजना में भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान के दोस्त तुर्की की भागीदारी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने बताया कि तुर्की ने अतीत में पाकिस्तान का समर्थन किया है और कश्मीर मुद्दे पर भारत विरोधी बयान दिए हैं। ऐसे में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना में तुर्की की भागीदारी संदेहास्पद और खतरनाक है। कहा कि परियोजना का नया अलाइनमेंट भारतीय एजेंसियों द्वारा ही तय किया जाए और सर्वे के दौरान स्थानीय आजीविका, संस्कृति और पर्यावरण को प्राथमिकता दी जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
नग्गर/पतलीकूहल। बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे परियोजना को लेकर अपर वैली बचाओ संगठन मुखर हो गया है। संगठन ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा।
इसमें देशहित को सर्वोपरि रखते हुए परियोजना के सर्वेक्षण कार्य को तुर्की कंपनी से हटाकर भारतीय एजेंसियों को सौंपने और प्रस्तावित मार्ग के पुनर्विचार की मांग की गई है।
विज्ञापन
संगठन के अध्यक्ष नारंतक शर्मा ने कहा कि परियोजना में भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान के दोस्त तुर्की की भागीदारी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने बताया कि तुर्की ने अतीत में पाकिस्तान का समर्थन किया है और कश्मीर मुद्दे पर भारत विरोधी बयान दिए हैं। ऐसे में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना में तुर्की की भागीदारी संदेहास्पद और खतरनाक है। कहा कि परियोजना का नया अलाइनमेंट भारतीय एजेंसियों द्वारा ही तय किया जाए और सर्वे के दौरान स्थानीय आजीविका, संस्कृति और पर्यावरण को प्राथमिकता दी जाए। संवाद
विज्ञापन