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Kullu News: हत्याकांड को दबाने के लिए पैसों का दिया प्रलोभन
Sat, 12 Aug 2023 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 12 Aug 2023 11:03 PM IST
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सैंज (कुल्लू)। बहुचर्चित कमलेश हत्याकांड का रहस्य अभी भी खुल नहीं पाया है। पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंच पाई है। फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी परिजनों को नहीं बताई गई है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। मृतक की मां फालमा देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरू से ही मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने खुलासा किया कि सैंज पुलिस मामला दबाने के एवज में सरकार की ओर से चार लाख रुपये मुआवजे का प्रलोभन देती रही। मृतक के मामा राम दास ने बताया कि हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस की असंवेदनशीलता भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। 29 जुलाई को जब कमलेश का शव मिला था, तब भी शव को बिना किसी जांच के उठाने का दबाव बनाया गया।
परिजन नहीं माने तो फोरेंसिक टीम बुलाई गई। इसके बाद परिजनों ने जिस व्यापारी पर शक जाहिर किया, उसे भी बचाने की लगातार कोशिश जारी रही। परिजनों के थाने में धरना-प्रदर्शन करने के बाद व्यापारी के सीसीटीवी कैमरे जब्त तो कर लिए लेकिन एक सप्ताह से इसकी भी रिपोर्ट नहीं आई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस दो नाबालिग बच्चों को पकड़ने के बाद केस बंद करना चाहती है।
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हत्याकांड के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उनसे पूछताछ भी नहीं कर रही है। आरोपी बच्चे जिस दुकान में काम करते थे, उस दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज तक नहीं देखे गए हैं और न दुकानदार से पूछताछ हुई है। मृतक के परिजनों का कहना है कि शारीरिक रूप से कमजोर नाबालिग बच्चे एक नौजवान युवक को अकेले नहीं मार सकते।
बनोगी पंचायत की प्रधान इंद्रा देवी ने कहा कि कि अगर पुलिस हत्या की गुत्थी को नहीं सुलझा सकती तो मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। डीएसपी बंजार शेर सिंह ने कहा कि मामले की तफ्तीश पूरी हो चुकी है। दो नाबालिग बच्चों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब इस मामले में कोई नई जांच करने की संभावना नहीं बची है। संवाद
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उन्होंने खुलासा किया कि सैंज पुलिस मामला दबाने के एवज में सरकार की ओर से चार लाख रुपये मुआवजे का प्रलोभन देती रही। मृतक के मामा राम दास ने बताया कि हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस की असंवेदनशीलता भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। 29 जुलाई को जब कमलेश का शव मिला था, तब भी शव को बिना किसी जांच के उठाने का दबाव बनाया गया।
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परिजन नहीं माने तो फोरेंसिक टीम बुलाई गई। इसके बाद परिजनों ने जिस व्यापारी पर शक जाहिर किया, उसे भी बचाने की लगातार कोशिश जारी रही। परिजनों के थाने में धरना-प्रदर्शन करने के बाद व्यापारी के सीसीटीवी कैमरे जब्त तो कर लिए लेकिन एक सप्ताह से इसकी भी रिपोर्ट नहीं आई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस दो नाबालिग बच्चों को पकड़ने के बाद केस बंद करना चाहती है।
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हत्याकांड के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उनसे पूछताछ भी नहीं कर रही है। आरोपी बच्चे जिस दुकान में काम करते थे, उस दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज तक नहीं देखे गए हैं और न दुकानदार से पूछताछ हुई है। मृतक के परिजनों का कहना है कि शारीरिक रूप से कमजोर नाबालिग बच्चे एक नौजवान युवक को अकेले नहीं मार सकते।
बनोगी पंचायत की प्रधान इंद्रा देवी ने कहा कि कि अगर पुलिस हत्या की गुत्थी को नहीं सुलझा सकती तो मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। डीएसपी बंजार शेर सिंह ने कहा कि मामले की तफ्तीश पूरी हो चुकी है। दो नाबालिग बच्चों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब इस मामले में कोई नई जांच करने की संभावना नहीं बची है। संवाद