{"_id":"6841ce0de6caa8d226020b91","slug":"oxygen-plant-is-out-of-breath-without-operator-kullu-news-c-89-1-ssml1012-149196-2025-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: बिना ऑपरेटर फूलीं ऑक्सीजन प्लांट की सांसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: बिना ऑपरेटर फूलीं ऑक्सीजन प्लांट की सांसें
Thu, 05 Jun 2025 10:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 05 Jun 2025 10:51 PM IST
विज्ञापन
मनाली में स्थित बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट।-संवाद
संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सिलिंडर पर ही टिकी होगी जीवन की डोर
मनाली में कोरोना काल में लाखों रुपये खर्च कर लगाया ऑक्सीजन प्लांट बना सफेद हाथी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। कोरोना काल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बन गया है। नागरिक अस्पताल मनाली में ऑक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग ने स्थापित तो कर दिया है, लेकिन इसे चलाने वाला कोई नहीं है। इसके चलते आज भी मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर पर निर्भर हैं।
एक बार फिर कोरोना संक्रमण सिर उठा रहा है। देश में कोरोना के नए वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अस्पतालों में कोरोना से निपटने के लिए जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। मनाली अस्पताल में भी तमाम व्यवस्था की गई है। वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। कोरोना किट के साथ उचित दूरी राने की गाइडलाइन जारी की गई है, लेकिन कोरोना संक्रमित मरीज आने पर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सिलिंडर पर ही निर्भरता रहेगी। लाखों रुपये खर्च कर लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट काम नहीं आएगा। दरअसल, पर्यटन नगरी मनाली में कोरोना काल के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, अब अस्पताल परिसर में शेड तैयार कर ऑक्सीजन प्लांट को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान से शिफ्ट कर लिया है। तमाम फिटिंग भी कर दी गई है, लेकिन ऑपरेटर न होने से इसे चलाया नहीं जा सकता। ऑक्सीजन प्लांट की मशीनरी स्थापित हो गई है, लेकिन चलाई नहीं जा रही है।
उधर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी कर्ण ने बताया कि कोरोना से निपटने के तमाम प्रबंध मनाली में उपलब्ध हैं। ऑपरेटर के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट नहीं चल रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर की माकूल व्यवस्था है।
विज्ञापन
--
लाखों रुपये आ रहा महीने का खर्चा
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से जिले में निजी कंपनी से ऑक्सीजन की सप्लाई ली जा रही है। कंपनी से कुल्लू के लिए सप्लाई आती है। वहीं से सिलिंडर अन्य अस्पतालों के लिए भेजे जाते है। बताया जा रहा है कि इस पर हर महीने ढाई लाख रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है।
-- 75 लाख रुपये से खरीदी है मशीनरी
पर्यटन नगरी मनाली में ऑक्सीजन प्लांट की मशीनरी 75 लाख रुपये की लागत से खरीदी है। यहां एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन बनाने की व्यवस्था है। यह प्लांट कोरोना काल में एक निजी संस्था ने दान किया था। कोरोना काल के बाद भी प्लांट अलेउ में स्थित अटल बिहारी पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान में पड़ा रहा। अब नागरिक अस्पताल में शेड बनाकर स्थापित किया गया है, लेकिन स्थापना के बाद से शेड बंद है।
--
विज्ञापन
मनाली में कोरोना काल में लाखों रुपये खर्च कर लगाया ऑक्सीजन प्लांट बना सफेद हाथी
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। कोरोना काल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बन गया है। नागरिक अस्पताल मनाली में ऑक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग ने स्थापित तो कर दिया है, लेकिन इसे चलाने वाला कोई नहीं है। इसके चलते आज भी मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर पर निर्भर हैं।
एक बार फिर कोरोना संक्रमण सिर उठा रहा है। देश में कोरोना के नए वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अस्पतालों में कोरोना से निपटने के लिए जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। मनाली अस्पताल में भी तमाम व्यवस्था की गई है। वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। कोरोना किट के साथ उचित दूरी राने की गाइडलाइन जारी की गई है, लेकिन कोरोना संक्रमित मरीज आने पर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सिलिंडर पर ही निर्भरता रहेगी। लाखों रुपये खर्च कर लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट काम नहीं आएगा। दरअसल, पर्यटन नगरी मनाली में कोरोना काल के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, अब अस्पताल परिसर में शेड तैयार कर ऑक्सीजन प्लांट को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान से शिफ्ट कर लिया है। तमाम फिटिंग भी कर दी गई है, लेकिन ऑपरेटर न होने से इसे चलाया नहीं जा सकता। ऑक्सीजन प्लांट की मशीनरी स्थापित हो गई है, लेकिन चलाई नहीं जा रही है।
विज्ञापन
उधर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी कर्ण ने बताया कि कोरोना से निपटने के तमाम प्रबंध मनाली में उपलब्ध हैं। ऑपरेटर के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट नहीं चल रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर की माकूल व्यवस्था है।
विज्ञापन
लाखों रुपये आ रहा महीने का खर्चा
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से जिले में निजी कंपनी से ऑक्सीजन की सप्लाई ली जा रही है। कंपनी से कुल्लू के लिए सप्लाई आती है। वहीं से सिलिंडर अन्य अस्पतालों के लिए भेजे जाते है। बताया जा रहा है कि इस पर हर महीने ढाई लाख रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है।
पर्यटन नगरी मनाली में ऑक्सीजन प्लांट की मशीनरी 75 लाख रुपये की लागत से खरीदी है। यहां एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन बनाने की व्यवस्था है। यह प्लांट कोरोना काल में एक निजी संस्था ने दान किया था। कोरोना काल के बाद भी प्लांट अलेउ में स्थित अटल बिहारी पर्वतारोहण संबद्ध खेल संस्थान में पड़ा रहा। अब नागरिक अस्पताल में शेड बनाकर स्थापित किया गया है, लेकिन स्थापना के बाद से शेड बंद है।