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ट्रस्ट बना लाहौल का त्रिलोकीनाथ मंदिर
ब्यूरो/ अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Updated Sat, 16 Jan 2016 10:09 PM IST
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त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने के बाद जहां मंदिर का कायाकल्प होगा, वहीं मंदिर सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी।
उदयपुर का प्रसिद्ध त्रिलोकी नाथ मंदिर देश का दो धर्मों वाला आस्था का पहला मंदिर है जहां पर हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग अपनी-अपनी विधि के अनुसार पूजा करते हैं।
रोचक बात यह है कि त्रिलोकीनाथ मंदिर में पहले स्थानीय कमेटी थी। वहीं, यहां पर लाखों रुपये की कमाई भी हर साल होती है, लेकिन मंदिर का जीर्णोद्धार उस हिसाब से नहीं हो पाया है, जिस ढंग से होना चाहिए था। त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने के बाद अब आस्था के इस केंद्र में राजनीतिक दखलंदाजी भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। अब त्रिलोकीनाथ मंदिर ट्रस्ट चेयरमैन जिला का उपायुक्त होगा।
वहीं मंदिर की देखरेख का जिम्मा उदयपुर एसडीएम को मिलेगा। वहीं, त्रिलोकीनाथ मंदिर ट्रस्ट में स्थानीय विधायक समेत कुछ स्थानीय लोग भी ट्रस्टी होंगे। मंदिर का सरकारीकरण होने के बाद अब मंदिर की सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी। ट्रस्ट बनने के बाद अब मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस प्रशासन के हवाले होगा। इसके साथ ही मंदिर के पुजारी और अन्य स्टाफ को भी अब सरकारी फंड से पगार मिलनी शुरू होगी।
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वहीं, अन्य तमाम सरकारी सुविधाएं भी मुहैया होंगी। त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने से अब क्षेत्र में अन्य विकासात्मक कार्यों की भी उम्मीद जगी है। वहीं त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने से लाहुल-स्पीति के लोग भी काफी खुश नजर आ रहे हैं।
त्रिलोकीनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम उदयपुर डाक्टर अमित गुलेरिया ने बताया त्रिलोकीनाथ मंदिर का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है। जल्द ही ट्रस्ट की नई कमेटी भी बना ली जाएगी।
उदयपुर का प्रसिद्ध त्रिलोकी नाथ मंदिर देश का दो धर्मों वाला आस्था का पहला मंदिर है जहां पर हिंदू और बौद्ध धर्म के लोग अपनी-अपनी विधि के अनुसार पूजा करते हैं।
रोचक बात यह है कि त्रिलोकीनाथ मंदिर में पहले स्थानीय कमेटी थी। वहीं, यहां पर लाखों रुपये की कमाई भी हर साल होती है, लेकिन मंदिर का जीर्णोद्धार उस हिसाब से नहीं हो पाया है, जिस ढंग से होना चाहिए था। त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने के बाद अब आस्था के इस केंद्र में राजनीतिक दखलंदाजी भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। अब त्रिलोकीनाथ मंदिर ट्रस्ट चेयरमैन जिला का उपायुक्त होगा।
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वहीं मंदिर की देखरेख का जिम्मा उदयपुर एसडीएम को मिलेगा। वहीं, त्रिलोकीनाथ मंदिर ट्रस्ट में स्थानीय विधायक समेत कुछ स्थानीय लोग भी ट्रस्टी होंगे। मंदिर का सरकारीकरण होने के बाद अब मंदिर की सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी। ट्रस्ट बनने के बाद अब मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस प्रशासन के हवाले होगा। इसके साथ ही मंदिर के पुजारी और अन्य स्टाफ को भी अब सरकारी फंड से पगार मिलनी शुरू होगी।
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वहीं, अन्य तमाम सरकारी सुविधाएं भी मुहैया होंगी। त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने से अब क्षेत्र में अन्य विकासात्मक कार्यों की भी उम्मीद जगी है। वहीं त्रिलोकीनाथ मंदिर के ट्रस्ट बनने से लाहुल-स्पीति के लोग भी काफी खुश नजर आ रहे हैं।
त्रिलोकीनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम उदयपुर डाक्टर अमित गुलेरिया ने बताया त्रिलोकीनाथ मंदिर का सरकार ने अधिग्रहण कर लिया है। जल्द ही ट्रस्ट की नई कमेटी भी बना ली जाएगी।