{"_id":"6637765a87b2ec85e40a96a0","slug":"if-animal-is-sick-then-dial-1962-ambulance-service-will-reach-home-kullu-news-c-89-1-ssml1015-122111-2024-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: पशु बीमार है तो 1962 डायल करें, घर पहुंचेगी एंबुलेंस सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: पशु बीमार है तो 1962 डायल करें, घर पहुंचेगी एंबुलेंस सेवा
विज्ञापन
जिले में कुल्लू, आनी और बंजार में संचालित की जा रही एंबुलेंस सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में मोबाइल पशु चिकित्सा एंबुलेंस से आपात स्थिति में मवेशियों का घरद्वार उपचार किया जा रहा है। पशुपालन विभाग पशुपालकों की सुविधा और मवेशियों को बेहतर उपचार देने के लिए जिले में तीन मोबाइल एंबुलेंस चला रहा है। मवेशियों के बीमार पड़ने पर रोजाना तीन से चार मामलों को चिकित्सक घरद्वार पहुंचकर निपटा रहे हैं। अगर किसी पशुपालक का मवेशी बीमार है तो 1962 डायल करें, घर पर एंबुलेंस सेवा पहुंचेगी। इसमें चिकित्सक और फार्मासिस्ट मवेशी का उपचार घरद्वार करेंगे।
मोबाइल पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उपमंडल कुल्लू, बंजार और आनी में एक-एक मोबाइल एंबुलेंस की सेवाएं ली जा रही हैं। रोजाना हर उपमंडल में मोबाइल एंबुलेंस की मदद से घरद्वार पर तीन से चार पशुओं का उपचार चिकित्सक कर रहे हैं। एंबुलेंस में पशु चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट उपलब्ध रहेंगे। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेंद्र पॉल ने कहा कि मोबाइल एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में मोबाइल पशु चिकित्सा एंबुलेंस से आपात स्थिति में मवेशियों का घरद्वार उपचार किया जा रहा है। पशुपालन विभाग पशुपालकों की सुविधा और मवेशियों को बेहतर उपचार देने के लिए जिले में तीन मोबाइल एंबुलेंस चला रहा है। मवेशियों के बीमार पड़ने पर रोजाना तीन से चार मामलों को चिकित्सक घरद्वार पहुंचकर निपटा रहे हैं। अगर किसी पशुपालक का मवेशी बीमार है तो 1962 डायल करें, घर पर एंबुलेंस सेवा पहुंचेगी। इसमें चिकित्सक और फार्मासिस्ट मवेशी का उपचार घरद्वार करेंगे।
मोबाइल पशु चिकित्सा एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उपमंडल कुल्लू, बंजार और आनी में एक-एक मोबाइल एंबुलेंस की सेवाएं ली जा रही हैं। रोजाना हर उपमंडल में मोबाइल एंबुलेंस की मदद से घरद्वार पर तीन से चार पशुओं का उपचार चिकित्सक कर रहे हैं। एंबुलेंस में पशु चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट उपलब्ध रहेंगे। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेंद्र पॉल ने कहा कि मोबाइल एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। संवाद
विज्ञापन