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Kullu News: चार पंजीकरण काउंटर, फिर भी पर्ची बनाने को लग रही लाइनें
Sat, 17 May 2025 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 17 May 2025 11:19 PM IST
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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में पर्ची बनाने के लिए लगी मरीजो की लंबी लाइने।-संवाद
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पंजीकरण के अलावा बिलिंग काउंटर पर बनानी पड़ रही पर्ची
बिलिंग न हाेने से मरीजों को टेस्ट करवाने में आ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों के पंजीकरण के लिए पांच काउंटर स्थापित हैं। बावजूद इसके पर्ची बनाने के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। मरीजों की पर्ची टेस्ट बिलिंग पर बनानी पड़ रही है।
इस कारण जिन मरीजों के टेस्ट होने हैं, उनके टेस्ट की बिलिंग नहीं हो रही है। मरीजों की बिलिंग न होने से टेस्ट करवाने में देरी हो रही है। इससे रोजाना सैकड़ों मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की रोजाना की ओपीडी 1300 से 1500 के बीच रहती है। ऐसे में मरीजों की संख्या अधिक रहने से पंजीकरण काउंटरों पर मरीजों की लाइनें लग जाती हैं। ऐसे में मरीजों की पर्ची अस्पताल में स्थापित बिलिंग काउंटरों पर बनाने के निर्देश प्रबंधन से मिल जाते हैं, जिससे मरीजाें की पर्ची तो बन जाती है। इससे एन सैकड़ों मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिनकी जांच के बाद चिकित्सकों ने टेस्ट का परामर्श दिया होता है। सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट भी सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक ही होते हैं। इस वजह से बिलिंग न होने से मरीजों के टेस्ट सरकारी प्रयोगशाला में नहीं हो पाते हैं। मरीजों को मजबूरन अस्पताल में पीपीपी मोड में चल रही क्रस्ना प्रयोगशाला में टेस्ट करवाने जाना पड़ता है। वहां भी मरीजों की संख्या अधिक होने से टेस्ट के लिए घंटों लाइनों में रहना पड़ता है। मरीज सोमलता, रेखा, अंशिका, अंजलि, वेदप्रकाश, मोहर सिंह, अशोक, ऋतिक ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों के पंजीकरण के लिए काउंटर की संख्या बढ़ाए। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण के लिए पांच काउंटर स्थापित किए गए हैं। कहा कि हाल ही में दो काउंटर बढ़ाए गए हैं।
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बिलिंग न हाेने से मरीजों को टेस्ट करवाने में आ रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों के पंजीकरण के लिए पांच काउंटर स्थापित हैं। बावजूद इसके पर्ची बनाने के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं। मरीजों की पर्ची टेस्ट बिलिंग पर बनानी पड़ रही है।
इस कारण जिन मरीजों के टेस्ट होने हैं, उनके टेस्ट की बिलिंग नहीं हो रही है। मरीजों की बिलिंग न होने से टेस्ट करवाने में देरी हो रही है। इससे रोजाना सैकड़ों मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गौरतलब है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की रोजाना की ओपीडी 1300 से 1500 के बीच रहती है। ऐसे में मरीजों की संख्या अधिक रहने से पंजीकरण काउंटरों पर मरीजों की लाइनें लग जाती हैं। ऐसे में मरीजों की पर्ची अस्पताल में स्थापित बिलिंग काउंटरों पर बनाने के निर्देश प्रबंधन से मिल जाते हैं, जिससे मरीजाें की पर्ची तो बन जाती है। इससे एन सैकड़ों मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिनकी जांच के बाद चिकित्सकों ने टेस्ट का परामर्श दिया होता है। सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट भी सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक ही होते हैं। इस वजह से बिलिंग न होने से मरीजों के टेस्ट सरकारी प्रयोगशाला में नहीं हो पाते हैं। मरीजों को मजबूरन अस्पताल में पीपीपी मोड में चल रही क्रस्ना प्रयोगशाला में टेस्ट करवाने जाना पड़ता है। वहां भी मरीजों की संख्या अधिक होने से टेस्ट के लिए घंटों लाइनों में रहना पड़ता है। मरीज सोमलता, रेखा, अंशिका, अंजलि, वेदप्रकाश, मोहर सिंह, अशोक, ऋतिक ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों के पंजीकरण के लिए काउंटर की संख्या बढ़ाए। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण के लिए पांच काउंटर स्थापित किए गए हैं। कहा कि हाल ही में दो काउंटर बढ़ाए गए हैं।
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