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बिना ग्राउंड क्वालिफाई कर जारी कर दिया लिखित परीक्षा का रोल नंबर
अमर उजाला कुल्लू
Updated Sun, 02 Oct 2016 09:35 PM IST
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जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर आईटीबीपी ग्राउंड में चल रही वन रक्षक भर्ती में धांधली का मामला सामने आया है। वन रक्षक भर्ती के शारीरिक दक्षता परीक्षण में शामिल होने गए युवाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। भर्ती में शामिल हुई युवा दीपिका, डोलमा, बबीता, भावना, दिशा, दीपक, भूपेंद्र, दीपा, दिव्या, बलवीर, देवराज, दिलीप सिंह, चंद्रा, नीरत ठाकुर, चिराग सूद, नील ठाकुर ने कहा कि रविवार को चेस्ट नंबर 1007 का ग्राउंड में सफल न होने पर उसे लिखित परीक्षा के लिए योग्य बना दिया गया है। जबकि ग्राउंड में लांग जंप, हाई जंप और रेस में उसने क्वालीफाई नहीं किया है। उसके बाद भी उसे रोल नंबर दिया गया है। यह सरासर हेराफेरी है। हालांकि इस बात को वहां पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने भी माना कि इसमें कोताही हुई है। उन्होंने कहा कि वन रक्षक भर्ती में धांधली हो रही है। अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कुछ अधिकारी यहां डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि रेस के दौरान कुछ लोग समय से पहले ही भाग जाते हैं तो उन्हें भी फर्स्ट लिया जा रहा है। जिस अभ्यर्थी को शारीरिक मापदंड पूरा न करने के बावजूद लिया गया है। उसका सबके सामने मापदंड लिया जाए तथा भर्ती का वीडियो दिखाया जाए। जिसे वन विभाग के अधिकारी नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती में हो रही धांधली और वन रक्षक भर्ती को रद्द करवाने को लेकर उपायुक्त से भी मिलेंगे। भर्ती में शामिल होने गए युवा भगत राम, बालदासी, दीपा देवी, घनश्याम, दिलीप सिंह, चमन सिंह, नीरज ठाकुर, देश राज ने मांग की है कि जिस प्रकार से वन रक्षक भर्ती में धांधली हो रही है। इस भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भर्ती में पहले दिन से हेराफेरी हो रही है। वन रक्षकों की भर्ती में अपने को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
उधर, इस मामले को लेकर डीएफओ डा. नीरज चड्ढा ने कहा कि इस प्रकार का कोई मामला नहीं है। युवाओं के आरोप निराधार है। जिस अभ्यर्थी का जिक्र किया गया है। वह डिस्क्वालीफाइड है। भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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उधर, इस मामले को लेकर डीएफओ डा. नीरज चड्ढा ने कहा कि इस प्रकार का कोई मामला नहीं है। युवाओं के आरोप निराधार है। जिस अभ्यर्थी का जिक्र किया गया है। वह डिस्क्वालीफाइड है। भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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