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मशाल जलने से शुरू होगा दियाली पर्व
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Thu, 07 Jan 2016 06:22 PM IST
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जिला कुल्लू में देवी देवताओं से जुड़े त्योहार प्रतिमाह मनाए जाते हैं। ऐसा ही बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व दियाली ऊझी तथा खराहल घाटी में धूमधाम से मनाया जाएगा। दियाली पर्व को लेकर खास बात यह है कि जिले के सभी देवी-देवताओं के स्थान माने जाने वाले जगती पट्ट से दियाली पर्व की शुरुआत होगी।
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यहां पर सबसे पहले मशाल जलाई जाती है। मशाल जलने के बाद समूची घाटी में मशालें जलना आरंभ हो जाएंगी। इसके बाद ऊझी घाटी जलती मशालों की रोशनी से समूची घाटी जगमगा उठेगी। घाटी में दियाली मनाने की परंपरा का सदियों से निर्वहन किया जा रहा है।
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मशालें जलाकर जहां बुरी शक्तियों को भगाएगा जाएगा, वहीं अश्लील जुमलों का भी दौर चलेगा। मेहमानों को अखरोट तथा पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जाएंगे। जगती पट्ट के पुजारी राकेश शर्मा ने कहा कि ऊझी घाटी में दियाली पर्व की शुरुआत सबसे पहले जगती पट्ट से होती है। यहां पर मशाल जलाने के बाद पूरी घाटी में दियाली आरंभ होती है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जहां जूब (जौ) देकर जहां बड़ों से आशीर्वाद लिया जाएगा, वहीं पारंपरिक व्यंजन भी मेहमानों को परोसे जाएंगे। खराहल घाटी के आराध्य देव ज्वाणी महादेव के कारदार ओमप्रकाश महंत ने कहा कि दियाली पर्व घाटी में धूमधाम से मनाया जाएगा।
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