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Kullu News: मनाली में आपदा के मलबे पर आरोपों की बाढ़
Fri, 19 Sep 2025 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 19 Sep 2025 10:34 PM IST
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सांसद कंगना के दौरे में गो बैक के नारों ने चढ़ाया पर्यटन नगरी का सियासी पारा
भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया में छिड़ी आरोप-प्रत्यारोपों की जंग
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पर्यटन नगरी मनाली की सड़कों पर मलबा है, घरों में दरारें हैं और लोगों की आंखों में राहत की उम्मीदें लेकिन नेताओं की जुबान पर सिर्फ एक-दूसरे के खिलाफ आरोप हैं।
सांसद कंगना रनौत के देरी से दौरे के बाद गो बैक के नारों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस और भाजपा सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक आमने-सामने हैं लेकिन पीड़ित वहीं खड़े हैं अपने टूटे घरों और अधूरे वादों के साथ। मनाली में 26 अगस्त को भीषण आपदा आई। सड़कें तहस-नहस हुईं। कई घर ढह गए और लोग बेघर हो गए। दिल्ली से लेकर हिमाचल तक नेता, अधिकारी कुल्लू-मनाली पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
लोगों को पुनर्वास का भी आश्वासन दिया लेकिन सांसद कंगना आपदा के 23 दिन बाद वीरवार को मनाली पहुंचीं। पतलीकूहल में उन्हें न केवल काले झंडे दिखाए गए, बल्कि कांग्रेस और भाजपा के लोगों में नोकझोंक भी हुई। नोकझोंक में पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर प्रदर्शनकारियों को रोकते देखे जा रहे हैं। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने है। सोशल मीडिया में भाजपा ने इस प्रकरण को निंदनीय करार देते हुए कहा कि हिमाचल सरकार से अभी तक कोई मंत्री नहीं पहुंचा है जबकि केंद्र से प्रधानमंत्री खुद हिमाचल आए और मंत्रियों को भी भेजा। मुख्यमंत्री भी एक-दो जगह के अलावा कही नहीं गए। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर पर प्रदर्शनकारियों के साथ बदतमीजी करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां तक लिखा है कि कांग्रेस सरकार का कोई मंत्री यहां नहीं आया। क्या उनके खिलाफ भी गो बैक और यू आर लेट के नारे लगेंगे। बहरहाल, आपदा के दौर में पतलीकूहल में कांग्रेस का गोविंद ठाकुर के खिलाफ प्रदर्शन और गोविंद का मीडिया के समक्ष आकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाना चर्चा का विषय बन गया है। यहां आम चर्चा है कि नेता दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आपदा से उभारने के प्रयास करें तो उचित होगा।
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भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया में छिड़ी आरोप-प्रत्यारोपों की जंग
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पर्यटन नगरी मनाली की सड़कों पर मलबा है, घरों में दरारें हैं और लोगों की आंखों में राहत की उम्मीदें लेकिन नेताओं की जुबान पर सिर्फ एक-दूसरे के खिलाफ आरोप हैं।
सांसद कंगना रनौत के देरी से दौरे के बाद गो बैक के नारों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस और भाजपा सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक आमने-सामने हैं लेकिन पीड़ित वहीं खड़े हैं अपने टूटे घरों और अधूरे वादों के साथ। मनाली में 26 अगस्त को भीषण आपदा आई। सड़कें तहस-नहस हुईं। कई घर ढह गए और लोग बेघर हो गए। दिल्ली से लेकर हिमाचल तक नेता, अधिकारी कुल्लू-मनाली पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।
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लोगों को पुनर्वास का भी आश्वासन दिया लेकिन सांसद कंगना आपदा के 23 दिन बाद वीरवार को मनाली पहुंचीं। पतलीकूहल में उन्हें न केवल काले झंडे दिखाए गए, बल्कि कांग्रेस और भाजपा के लोगों में नोकझोंक भी हुई। नोकझोंक में पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर प्रदर्शनकारियों को रोकते देखे जा रहे हैं। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने है। सोशल मीडिया में भाजपा ने इस प्रकरण को निंदनीय करार देते हुए कहा कि हिमाचल सरकार से अभी तक कोई मंत्री नहीं पहुंचा है जबकि केंद्र से प्रधानमंत्री खुद हिमाचल आए और मंत्रियों को भी भेजा। मुख्यमंत्री भी एक-दो जगह के अलावा कही नहीं गए। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर पर प्रदर्शनकारियों के साथ बदतमीजी करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां तक लिखा है कि कांग्रेस सरकार का कोई मंत्री यहां नहीं आया। क्या उनके खिलाफ भी गो बैक और यू आर लेट के नारे लगेंगे। बहरहाल, आपदा के दौर में पतलीकूहल में कांग्रेस का गोविंद ठाकुर के खिलाफ प्रदर्शन और गोविंद का मीडिया के समक्ष आकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाना चर्चा का विषय बन गया है। यहां आम चर्चा है कि नेता दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आपदा से उभारने के प्रयास करें तो उचित होगा।
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