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निपाह वायरस से घबराएं नहीं,ऐहतियात बरतें
Updated Wed, 23 May 2018 10:28 PM IST
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निपाह वायरस से घबराएं नहीं, बरतें सावधानी
हिमाचल में निपाह संक्रमण का कोई मामला नहीं, पर्यटकों पर नजर
पर्यटन सीजन में संक्रमण को रोकने को प्रशासन ने उठाए कदम
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में निपाह वायरस से संक्रमण का अभी तक कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है, बावजूद इसके पर्यटन सीजन के दौरान इस तरह की किसी भी आशंका को दूर करने के लिए कुल्लू जिला प्रशासन ने कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं। इस संबंध में उपायुक्त यूनुस के निर्देश पर बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में एक विशेष बैठक हुई। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त सन्नी शर्मा ने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान कुल्लू-मनाली में बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही रहती है। इस दौरान दक्षिण भारत के राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि, निपाह वायरस को लेकर कोई घबराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन इस संबंध में एयरपोर्ट, वोल्वो बसों, अन्य वाहनों, होटलों-रेस्तरां या शॉपिंग सेंटरों में कुछ ऐहतियात जरूरी है, जिससे आम लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आ सके। सहायक आयुक्त ने पर्यटन, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बस व टैक्सी आपरेटरों, होटलियरों और मनाली में पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी अन्य संस्थाओं को निपाह वायरस के प्रति जागरुक करने की अपील भी की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र ने बताया कि हाल ही में इसका संक्रमण मुख्यत: केरल में चमगादड़ों के जूठे फलों के माध्यम से मनुष्यों में पहुंचा है। निपाह से संक्रमित व्यक्ति में आम संक्रमण जैसे तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण नजर आते हैं। यह आम संक्रमण की तरह ही होता है। कम रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति वाले व्यक्ति के इसकी चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है। अत: अगर किसी व्यक्ति का चार-पांच दिनों तक दवाई खाने के बाद भी सर्दी-जुकाम ठीक नहीं हो रहा है तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिए। छींकते-खांसते समय हमेशा मुंह पर हाथ या रुमाल रखें। सर्दी-जुकाम से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में न आएं और हाथों को साफ रखें। पक्षियों के जूठे या गले-सड़े फल बिलकुल न खाएं। कुल्लू जिला में किसी भी तरह के संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पूरे प्रबंध हैं और निपाह को लेकर सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बैठक में आरटीओ डॉ. सुरेश जसवाल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, डॉ. नरेश, डॉ. रमेश गुलेरिया, अन्य चिकित्सक, डीएसपी आशीष शर्मा और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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हिमाचल में निपाह संक्रमण का कोई मामला नहीं, पर्यटकों पर नजर
पर्यटन सीजन में संक्रमण को रोकने को प्रशासन ने उठाए कदम
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में निपाह वायरस से संक्रमण का अभी तक कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है, बावजूद इसके पर्यटन सीजन के दौरान इस तरह की किसी भी आशंका को दूर करने के लिए कुल्लू जिला प्रशासन ने कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं। इस संबंध में उपायुक्त यूनुस के निर्देश पर बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में एक विशेष बैठक हुई। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त सन्नी शर्मा ने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान कुल्लू-मनाली में बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही रहती है। इस दौरान दक्षिण भारत के राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि, निपाह वायरस को लेकर कोई घबराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन इस संबंध में एयरपोर्ट, वोल्वो बसों, अन्य वाहनों, होटलों-रेस्तरां या शॉपिंग सेंटरों में कुछ ऐहतियात जरूरी है, जिससे आम लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आ सके। सहायक आयुक्त ने पर्यटन, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बस व टैक्सी आपरेटरों, होटलियरों और मनाली में पर्यटन व्यवसाय से जुड़ी अन्य संस्थाओं को निपाह वायरस के प्रति जागरुक करने की अपील भी की।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र ने बताया कि हाल ही में इसका संक्रमण मुख्यत: केरल में चमगादड़ों के जूठे फलों के माध्यम से मनुष्यों में पहुंचा है। निपाह से संक्रमित व्यक्ति में आम संक्रमण जैसे तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण नजर आते हैं। यह आम संक्रमण की तरह ही होता है। कम रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति वाले व्यक्ति के इसकी चपेट में आने की आशंका ज्यादा रहती है। अत: अगर किसी व्यक्ति का चार-पांच दिनों तक दवाई खाने के बाद भी सर्दी-जुकाम ठीक नहीं हो रहा है तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिए। छींकते-खांसते समय हमेशा मुंह पर हाथ या रुमाल रखें। सर्दी-जुकाम से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में न आएं और हाथों को साफ रखें। पक्षियों के जूठे या गले-सड़े फल बिलकुल न खाएं। कुल्लू जिला में किसी भी तरह के संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पूरे प्रबंध हैं और निपाह को लेकर सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बैठक में आरटीओ डॉ. सुरेश जसवाल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, डॉ. नरेश, डॉ. रमेश गुलेरिया, अन्य चिकित्सक, डीएसपी आशीष शर्मा और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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