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नाटक से दिखाया अंधविश्वास का आईना
Updated Mon, 15 Jan 2018 04:20 PM IST
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नाटक से दिखाया अंधविश्वास का आइना
सातवीं संध्या में हुआ नयन भरी तलैईया का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कलाकेंद्र में चल रहे नाट्योत्सव कुल्लू रंग मेला की सातवीं संध्या में रविवार को नाटक नयन भरी तलैईया का मंचन किया। नूर जहीर की ओर से लिखित नाटक का निर्देशन केहर सिंह ठाकुर द्वारा किया है। इस नाट्योत्सव का आयोजन एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
नाटक नयन भरी तलैईया सदियों से अंधविश्वास में जकड़ी पहाड़ी जनता को प्रतिबिंबित करता है जो राजा के कहने पर एक अबोध गरीब लड़की सुखनी को देवी बनाकर राज्य में तीन साल से चले आ रहे सूखे को खत्म करने के लिए कुंए में धकेल देते हैं। संयोगवश पानी भी निकल आता है, लेकिन सुखनी के कुएं में गिरकर बलि देने से नहीं, बल्कि उसके बचपन के साथी बिंधना के प्रयास से। आम लोग यह समझते हैं कि सुखनी को कुंए में धकेलते ही पानी आ गया, लेकिन जब बिंधना पानी को रोक कर बैठता है और कहता है कि तुम लोग हत्यारे हो एक अबोध लड़की के बदले मैं तुम्हें पानी नहीं दूंगा। वह आम लोगों को राजा द्वारा की गई साजिश के बारे में बताता है तो सभी लोग राजा के खिलाफ हो जाते हैं। नाटक में केहर सिंह ठाकुर के अलावा आरती ठाकुर, कविता, रेवत राम विक्की, दीन दयाल, जीवानंद, आशा श्याम, ओम प्रकाश, विपुल, निखिल, अनुराग, सुमित ममता, अवंतिका, मीनाक्षी, सीता तथा आलोक ने अभिनय की वाहवाही लूटी।
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सातवीं संध्या में हुआ नयन भरी तलैईया का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कलाकेंद्र में चल रहे नाट्योत्सव कुल्लू रंग मेला की सातवीं संध्या में रविवार को नाटक नयन भरी तलैईया का मंचन किया। नूर जहीर की ओर से लिखित नाटक का निर्देशन केहर सिंह ठाकुर द्वारा किया है। इस नाट्योत्सव का आयोजन एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
नाटक नयन भरी तलैईया सदियों से अंधविश्वास में जकड़ी पहाड़ी जनता को प्रतिबिंबित करता है जो राजा के कहने पर एक अबोध गरीब लड़की सुखनी को देवी बनाकर राज्य में तीन साल से चले आ रहे सूखे को खत्म करने के लिए कुंए में धकेल देते हैं। संयोगवश पानी भी निकल आता है, लेकिन सुखनी के कुएं में गिरकर बलि देने से नहीं, बल्कि उसके बचपन के साथी बिंधना के प्रयास से। आम लोग यह समझते हैं कि सुखनी को कुंए में धकेलते ही पानी आ गया, लेकिन जब बिंधना पानी को रोक कर बैठता है और कहता है कि तुम लोग हत्यारे हो एक अबोध लड़की के बदले मैं तुम्हें पानी नहीं दूंगा। वह आम लोगों को राजा द्वारा की गई साजिश के बारे में बताता है तो सभी लोग राजा के खिलाफ हो जाते हैं। नाटक में केहर सिंह ठाकुर के अलावा आरती ठाकुर, कविता, रेवत राम विक्की, दीन दयाल, जीवानंद, आशा श्याम, ओम प्रकाश, विपुल, निखिल, अनुराग, सुमित ममता, अवंतिका, मीनाक्षी, सीता तथा आलोक ने अभिनय की वाहवाही लूटी।
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