{"_id":"5a94082d4f1c1b5e6e8b78e5","slug":"111519650861-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"71 साल बाद बिजली से रोशन होंगे कुंदर व मझान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
71 साल बाद बिजली से रोशन होंगे कुंदर व मझान
Updated Mon, 26 Feb 2018 06:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
71 साल बाद बिजली से रोशन होंगे कुंदर और मझान
बिजली बोर्ड ने जारी की 82 लाख की स्वीकृति
महेंद्र पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की रैला पंचायत के कुंदर और मझान गांव आजादी के 71 साल बाद बिजली की रोशनी से जगमगा उठेंगे। अब इन दुर्गम क्षेत्रों के बच्चे भी लालटेन की जगह बिजली के बल्ब से पढ़ सकेंगे। गांवों के लिए बिजली लाइन बिछाने के लिए बिजली बोर्ड ने 82 लाख की राशि मंजूरी प्रदान की है।
बिजली लाइन बिछने से अब पंचायत के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। आजादी से लेकर अंधकार में गुजर बसर कर रहे ग्रामीणों का अंधेरा छंटने से कुंदर और मझान गांव के स्कूली बच्चों का भविष्य भी उजव्वल हो उठेगा। स्थानीय निवासी यान सिंह, भगत राम, लाल चंद, तीर्थ राम तथा बिंदर सिंह तथा हेत राम का कहना है कि ग्रामीण कई सालों से इस मांग को लेकर बिजली बोर्ड और सरकार से मांग करते आ रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब उनके गांव के लोगों का अंधेरा लालटेन की रोशनी से ही दूर हो पाता था। बिजली के बिना गांव के लोग बिजली उपकरण भी नहीं खरीद पा रहे हैं। गांव के लोगों को अपने मोबाइल फोन भी दूसरे गांव में जाकर चार्ज करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा कुंदर और मझान गांव के विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यान सिंह तथा चमन सिंह ने कहा कि रात के समय बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती थी। उधर, लारजी स्थित बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता अंकुश अवस्थी ने कहा कि दोनों गांव को बिजली आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में 82 लाख से बिजली लाइन बिछाई जा रही है जो करीब आठ किलोमीटर तक होगी। जबकि, दूसरे चरण का बोर्ड ने एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है।
विज्ञापन
बिजली बोर्ड ने जारी की 82 लाख की स्वीकृति
महेंद्र पालसरा
न्यूली (कुल्लू)। जिला कुल्लू की रैला पंचायत के कुंदर और मझान गांव आजादी के 71 साल बाद बिजली की रोशनी से जगमगा उठेंगे। अब इन दुर्गम क्षेत्रों के बच्चे भी लालटेन की जगह बिजली के बल्ब से पढ़ सकेंगे। गांवों के लिए बिजली लाइन बिछाने के लिए बिजली बोर्ड ने 82 लाख की राशि मंजूरी प्रदान की है।
बिजली लाइन बिछने से अब पंचायत के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। आजादी से लेकर अंधकार में गुजर बसर कर रहे ग्रामीणों का अंधेरा छंटने से कुंदर और मझान गांव के स्कूली बच्चों का भविष्य भी उजव्वल हो उठेगा। स्थानीय निवासी यान सिंह, भगत राम, लाल चंद, तीर्थ राम तथा बिंदर सिंह तथा हेत राम का कहना है कि ग्रामीण कई सालों से इस मांग को लेकर बिजली बोर्ड और सरकार से मांग करते आ रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब उनके गांव के लोगों का अंधेरा लालटेन की रोशनी से ही दूर हो पाता था। बिजली के बिना गांव के लोग बिजली उपकरण भी नहीं खरीद पा रहे हैं। गांव के लोगों को अपने मोबाइल फोन भी दूसरे गांव में जाकर चार्ज करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा कुंदर और मझान गांव के विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यान सिंह तथा चमन सिंह ने कहा कि रात के समय बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती थी। उधर, लारजी स्थित बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता अंकुश अवस्थी ने कहा कि दोनों गांव को बिजली आपूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में 82 लाख से बिजली लाइन बिछाई जा रही है जो करीब आठ किलोमीटर तक होगी। जबकि, दूसरे चरण का बोर्ड ने एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है।
विज्ञापन