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Kangra News: सीएचसी में एकमात्र डाॅक्टर और स्टाॅफ नर्स, वे भी प्रतिनियुक्ति पर
Thu, 03 Jul 2025 11:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:58 PM IST
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डॉक्टर की नियमित तैनाती के इंतजार में सीएचसी कुठेड़ ।
बरियाल (कांगड़ा)। जवाली विधानसभा क्षेत्र के कुठेड़ में वर्ष 2012 में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले दो वर्षों से डॉक्टरों और सहायक स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि रिक्त पदों को भरने के बजाय सीएचसी में तैनात एकमात्र डॉक्टर और स्टाफ नर्स को जवाली नागरिक अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया है। दोनो कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर सप्ताह में तीन बार जवाली में देनी होंगी। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी में छह बिस्तरों का इंडोर वार्ड है, जो डॉक्टरों की नियमित तैनाती के अभाव में आजकल उपयोग में नहीं है। सीएचसी के डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति के बाद भाली, 32 मील, सोलधा, डोल, पद्दर, नडोली, बग्गा, जांगल, राजोल, बही-पठियार और कुठेड़ के मरीज काफी परेशान हैं, क्योंकि उन्हें अपनी चिकित्सा जरूरतों के लिए शाहपुर या नूरपुर के नागरिक अस्पताल में जाना पड़ता है। उन्होंने डॉक्टर और नर्स की प्रतिनियुक्ति के आदेशों को तुरंत रद्द करने की मांग की है, ताकि सीएचसी में ओपीडी सेवाएं बहाल की जा सकें।
सीएचसी में खाली पड़े पदों के कारण ग्रामीण लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और बार-बार अनुरोध के बावजूद विभाग ने तैनात एकमात्र डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति समाप्त नहीं की है और न ही खाली पड़े पदों को नहीं भरा है। सुशील शर्मा, प्रधान, ग्राम पंचायत कुठेड़
यह सीएचसी रानीताल और 32 मील में राष्ट्रीय राजमार्ग-154 के निकट होने के कारण महत्वपूर्ण है, जहां पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना निर्माणाधीन है। दुर्घटना के शिकार लोग जो कुठेड़ में नजदीकी सीएचसी पहुंचते हैं, लेकिन आपातकाल के दौरान वहां कोई डॉक्टर नहीं होता है। सुरिंदर कुमार, बीडीसी सदस्य
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वह 30 जून तक सिविल अस्पताल जवाली में प्रतिनियुक्ति पर ड्यूटी दे रही थीं। सप्ताह में तीन दिन सिविल अस्पताल जवाली में प्रतिनियुक्ति पर जाना पड़ता है। सीएचसी कुठेड़ में इंडोर वार्ड और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं केवल डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ ही संभव हो पाती हैं। मीनाल कौर, डॉक्टर, सीएचसी कुठेड़
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सीएचसी में खाली पड़े पदों के कारण ग्रामीण लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और बार-बार अनुरोध के बावजूद विभाग ने तैनात एकमात्र डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति समाप्त नहीं की है और न ही खाली पड़े पदों को नहीं भरा है। सुशील शर्मा, प्रधान, ग्राम पंचायत कुठेड़
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यह सीएचसी रानीताल और 32 मील में राष्ट्रीय राजमार्ग-154 के निकट होने के कारण महत्वपूर्ण है, जहां पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना निर्माणाधीन है। दुर्घटना के शिकार लोग जो कुठेड़ में नजदीकी सीएचसी पहुंचते हैं, लेकिन आपातकाल के दौरान वहां कोई डॉक्टर नहीं होता है। सुरिंदर कुमार, बीडीसी सदस्य
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वह 30 जून तक सिविल अस्पताल जवाली में प्रतिनियुक्ति पर ड्यूटी दे रही थीं। सप्ताह में तीन दिन सिविल अस्पताल जवाली में प्रतिनियुक्ति पर जाना पड़ता है। सीएचसी कुठेड़ में इंडोर वार्ड और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं केवल डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ ही संभव हो पाती हैं। मीनाल कौर, डॉक्टर, सीएचसी कुठेड़