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कार्यक्रमों में मेयर-पार्षदों को बुलाना भूले अधिकारी : मेयर
Tue, 16 Jan 2024 12:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:19 AM IST
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों के लोकार्पण को लेकर कांग्रेस समर्थित महापौर ने निगम के अधिकारियों को घेरना शुरू कर दिया है। रविवार को निगम क्षेत्र के तहत विधायक सुधीर शर्मा के द्वारा 150 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज और लुंगडू के स्कल्पचर्स का उद्घाटन किया गया। महापौर नीनू शर्मा ने कहा कि निगम के अधिकारियों ने नगर निगम की मेयर, डिप्टी मेयर और अन्य पार्षदों को उद्घाटन समारोह में बुलाया तक नहीं।
इस पर रोष प्रकट करते हुए नगर निगम धर्मशाला की मेयर नीनू शर्मा ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। मेयर नीनू शर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि अधिकारियों द्वारा इस तरह चुने हुए प्रतिनिधियों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। नगर निगम के अधिकारी पहले से ही पार्षदों को विश्वास में लिए बिना कई निर्णय लेते रहे हैं। अब ऐतिहासिक कार्यक्रम से भी नगर निगम के चुने हुए प्रतिनिधियों को दूर रखा गया। ऐसे अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली सुधारें, अन्यथा उनकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
मेयर ने कहा कि शहर के विकास कार्यों पर तो अधिकारी चेक रखने में असमर्थ हैं, लेकिन इस तरह की राजनीति करके पार्षदों का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। विकास कार्यों की जवाबदेही मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों की होती है, लेकिन अधिकारी इन सबसे दूर होते हैं। पार्षदों की पहली जिम्मेवारी शहर के विभिन्न वार्डों का विकास है, ऐसे में अधिकारी पार्षदों को राजनीति करने के लिए मजबूर न करें।
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इस पर रोष प्रकट करते हुए नगर निगम धर्मशाला की मेयर नीनू शर्मा ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। मेयर नीनू शर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि अधिकारियों द्वारा इस तरह चुने हुए प्रतिनिधियों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। नगर निगम के अधिकारी पहले से ही पार्षदों को विश्वास में लिए बिना कई निर्णय लेते रहे हैं। अब ऐतिहासिक कार्यक्रम से भी नगर निगम के चुने हुए प्रतिनिधियों को दूर रखा गया। ऐसे अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली सुधारें, अन्यथा उनकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी।
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मेयर ने कहा कि शहर के विकास कार्यों पर तो अधिकारी चेक रखने में असमर्थ हैं, लेकिन इस तरह की राजनीति करके पार्षदों का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। विकास कार्यों की जवाबदेही मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों की होती है, लेकिन अधिकारी इन सबसे दूर होते हैं। पार्षदों की पहली जिम्मेवारी शहर के विभिन्न वार्डों का विकास है, ऐसे में अधिकारी पार्षदों को राजनीति करने के लिए मजबूर न करें।
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