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Kangra News: व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से खाद्य सामग्री भी महंगी
Wed, 03 Jun 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:49 AM IST
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सरुप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब
धर्मशाला। कांगड़ा जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के दाम बढ़ने के बाद खाद्य उत्पाद भी 5 से 10 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। खाद्य तेल की कीमतों में भी 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती लागत का असर कारोबारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ रहा है।
लगातार बढ़ रहीं कीमतों के कारण कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक इंडक्शन और लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है जबकि ग्राहकों को भी खाने-पीने की वस्तुओं पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार अन्य खाद्य सामग्री की नई कीमतों का पूरा असर नई सप्लाई आने और संशोधित मूल्य सूची लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति हुई सामान्य
जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति अब सामान्य हो गई है और मांग के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में प्रतिदिन करीब 600 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत होती है। मंगलवार को 622 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत दर्ज की गई। पहले व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता में करीब 80 फीसदी तक कमी आ गई थी लेकिन अब स्थिति सामान्य है।
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क्या कहते हैं कारोबारी और ग्राहक
ईरान-अमेरिका युद्ध से पहले उन्हें जो व्यावसायिक सिलिंडर 1900 से 2100 रुपये के बीच में मिलता था वह अब 3260 में मिल रहा है। मजबूरन सामग्री तैयार करने के लिए लकड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। -परमिंद्र चंकी, रेस्तरां मालिक
लगातार बढ़ रहे सिलिंडरों के दामों के कारण महंगाई अब 5 से 10 फीसदी पहुंच चुकी है। छोटे कारोबारी अब इंडक्शन का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं। इससे कारोबारियों के पैसे में कुछ हद तक बचत हो रही है। -अनुज कश्यप, कारोबारी कोतवाली
लगातार बढ़ रही महंगाई का असर ग्राहकों और आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। अब बाहर से खाने पीने के लिए अधिकतर पैसा खर्च करना पड़ रहा है। -विकास राणा, ग्राहक, राजा का तालाब
महंगाई अब महीने में होने वाली बचत पर पूरा असर डाल रही है। जिले में कहीं भी बाहर से खाने के लिए अधिक पैसा देना पड़ रहा है। इससे घर का बजट बिगड़ रहा है। -स्वरूप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब
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लगातार बढ़ रहीं कीमतों के कारण कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक इंडक्शन और लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है जबकि ग्राहकों को भी खाने-पीने की वस्तुओं पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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व्यापारियों के अनुसार अन्य खाद्य सामग्री की नई कीमतों का पूरा असर नई सप्लाई आने और संशोधित मूल्य सूची लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति हुई सामान्य
जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति अब सामान्य हो गई है और मांग के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में प्रतिदिन करीब 600 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत होती है। मंगलवार को 622 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत दर्ज की गई। पहले व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता में करीब 80 फीसदी तक कमी आ गई थी लेकिन अब स्थिति सामान्य है।
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क्या कहते हैं कारोबारी और ग्राहक
ईरान-अमेरिका युद्ध से पहले उन्हें जो व्यावसायिक सिलिंडर 1900 से 2100 रुपये के बीच में मिलता था वह अब 3260 में मिल रहा है। मजबूरन सामग्री तैयार करने के लिए लकड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। -परमिंद्र चंकी, रेस्तरां मालिक
लगातार बढ़ रहे सिलिंडरों के दामों के कारण महंगाई अब 5 से 10 फीसदी पहुंच चुकी है। छोटे कारोबारी अब इंडक्शन का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं। इससे कारोबारियों के पैसे में कुछ हद तक बचत हो रही है। -अनुज कश्यप, कारोबारी कोतवाली
लगातार बढ़ रही महंगाई का असर ग्राहकों और आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। अब बाहर से खाने पीने के लिए अधिकतर पैसा खर्च करना पड़ रहा है। -विकास राणा, ग्राहक, राजा का तालाब
महंगाई अब महीने में होने वाली बचत पर पूरा असर डाल रही है। जिले में कहीं भी बाहर से खाने के लिए अधिक पैसा देना पड़ रहा है। इससे घर का बजट बिगड़ रहा है। -स्वरूप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब

सरुप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब

सरुप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब

सरुप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब

सरुप गुलियाल, ग्राहक, राजा का तालाब