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पांच और लोग डायरिया की चपेट में
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:37 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर उपमंडल के लटवाला गांव में डायरिया से पीड़ित लोगों की हालत में सुधार है। हालांकि गांव के पांच और लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। लटवाला गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलते ही एसडीएम पालमपुर ने गांव का दौरा किया है। डायरिया का कारण दूषित पानी बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लटवाला गांव में तीन टीमें भेज दी हैं। स्वास्थ्य टीमों ने स्कूल और लोगों को हैंडवाश और दवाइयां भी दीं। पानी का सैंपल टेस्ट के लिए भेजा गया है। लटवाला गांव में मंगलवार को 18 लोग डायरिया के चपेट में आए थे। इस पर इन लोगों को अस्पताल लाया गया। इसका पता चलते ही एसडीएम पालमपुर ने बुधवार को लटवाला गांव का दौरा किया। एसडीएम सीधे स्वास्थ्य अधिकारियों और आईपीएच विभाग के साथ पानी के उस स्रोत पर गए, जहां पर गांव को पानी आता है। उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों को पानी साफ व उसको क्लोरीन करने के आदेश दिए। जबकि, पांच लोग बुधवार को भी अस्पताल गए थे। लटवाला गांव में करीब आठ साल पहले भी डायरिया की घटना हो चुकी है। इसमें करीब 16 लोग इसकी चपेट में आए थे। सूत्रों का कहना है कि आईपीएच विभाग का मानना है कि लोग पानी पीने से बीमार नहीं हुए हैं। ऐसा होता तो हर घर के लोग इससे बीमार हो सकते हैं। उधर, एसडीएम बलवान मंढोत्रा ने कहा कि वे लटवाला गांव में गए थे और जहां से गांव को पानी आता है, वहां का भी निरीक्षण किया गया है। उन्होंने विभाग को जल्द पानी का क्लोरीरेशन करने के आदेश दे दिए हैं। कहा कि इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उनके साथ आईपीएच अधिकारियों के साथ बीएमओ गोपालपुर भी मौजूद रहे।
दूसरी बीमारियों का भी खतरा
दूषित पानी से जरूरी ही नहीं कि डायरिया फैले। इससे अन्य कई बीमारियां भी फैल सकती हैं। दूषित पानी से कोलरा, टाइफाइड, डाइसेंटरी, पीलिया हिप्पेटाइटिस- ए भी हो सकती है।
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पालमपुर (कांगड़ा)। पालमपुर उपमंडल के लटवाला गांव में डायरिया से पीड़ित लोगों की हालत में सुधार है। हालांकि गांव के पांच और लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। लटवाला गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलते ही एसडीएम पालमपुर ने गांव का दौरा किया है। डायरिया का कारण दूषित पानी बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लटवाला गांव में तीन टीमें भेज दी हैं। स्वास्थ्य टीमों ने स्कूल और लोगों को हैंडवाश और दवाइयां भी दीं। पानी का सैंपल टेस्ट के लिए भेजा गया है। लटवाला गांव में मंगलवार को 18 लोग डायरिया के चपेट में आए थे। इस पर इन लोगों को अस्पताल लाया गया। इसका पता चलते ही एसडीएम पालमपुर ने बुधवार को लटवाला गांव का दौरा किया। एसडीएम सीधे स्वास्थ्य अधिकारियों और आईपीएच विभाग के साथ पानी के उस स्रोत पर गए, जहां पर गांव को पानी आता है। उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों को पानी साफ व उसको क्लोरीन करने के आदेश दिए। जबकि, पांच लोग बुधवार को भी अस्पताल गए थे। लटवाला गांव में करीब आठ साल पहले भी डायरिया की घटना हो चुकी है। इसमें करीब 16 लोग इसकी चपेट में आए थे। सूत्रों का कहना है कि आईपीएच विभाग का मानना है कि लोग पानी पीने से बीमार नहीं हुए हैं। ऐसा होता तो हर घर के लोग इससे बीमार हो सकते हैं। उधर, एसडीएम बलवान मंढोत्रा ने कहा कि वे लटवाला गांव में गए थे और जहां से गांव को पानी आता है, वहां का भी निरीक्षण किया गया है। उन्होंने विभाग को जल्द पानी का क्लोरीरेशन करने के आदेश दे दिए हैं। कहा कि इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उनके साथ आईपीएच अधिकारियों के साथ बीएमओ गोपालपुर भी मौजूद रहे।
दूसरी बीमारियों का भी खतरा
दूषित पानी से जरूरी ही नहीं कि डायरिया फैले। इससे अन्य कई बीमारियां भी फैल सकती हैं। दूषित पानी से कोलरा, टाइफाइड, डाइसेंटरी, पीलिया हिप्पेटाइटिस- ए भी हो सकती है।
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