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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में एमडी मेडिसिन के साथ एक और गायनी विशेषज्ञ की तैनाती
Sun, 02 Nov 2025 05:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 02 Nov 2025 05:15 AM IST
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धर्मशाला। लंबे समय बाद क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ तैनात हुई हैं। करीब एक वर्ष से यहां मेडिसिन विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को अन्य अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे, लेकिन अब डॉ. सुगंधी ने ज्वाइन कर लिया है। इससे अब शुगर, बीपी सहित अन्य बीमारियों के मरीजों को अस्पताल में उपचार आसानी से मिल सकेगा।
ओपीडी में अब दो चिकित्सक सेवाएं देंगे, जबकि इससे पहले छाती रोग विशेषज्ञ ही मेडिसिन ओपीडी संभाल रही थीं। इसके साथ ही अस्पताल में एक और गायनी विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। अब गायनी ओपीडी में डॉ. मीनाक्षी के साथ डॉ. प्रतिभा भी सेवाएं देंगी। इससे गर्भवती महिलाओं को जांच व उपचार के लिए टांडा या निजी अस्पतालों में जाने की परेशानी काफी हद तक कम होगी। प्रसूति कक्ष में भी सुविधाएं सुचारू होंगी।
इसके अतिरिक्त 10 नवंबर तक ईएनटी ओपीडी में भी डॉ. गरिमा अपनी सेवाएं शुरू कर देंगी। पहले ईएनटी विशेषज्ञ न होने के कारण टांडा से आने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर ही मरीजों की जांच कर रहे थे। जानकारी के अनुसार अस्पताल में चिकित्सकों के 40 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 30 चिकित्सक तैनात हैं और 10 पद अभी भी रिक्त हैं।
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मेडिकल बोर्ड के लिए अब विशेषज्ञ बुलाने की जरूरत नहीं
अस्पताल में एमडी मेडिसिन और ईएनटी विशेषज्ञ मिलने के बाद अब हर शनिवार को होने वाले मेडिकल बोर्ड के लिए बाहरी डॉक्टर नहीं बुलाने पड़ेंगे। मेडिकल बोर्ड की प्रमाणपत्र प्रक्रिया अस्पताल के चिकित्सकों से ही पूरी हो सकेगी।
धर्मशाला अस्पताल में गायनी और एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ ने ज्वाइन कर लिया है। अब मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही ईएनटी विशेषज्ञ भी ज्वाइन कर लेंगी। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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ओपीडी में अब दो चिकित्सक सेवाएं देंगे, जबकि इससे पहले छाती रोग विशेषज्ञ ही मेडिसिन ओपीडी संभाल रही थीं। इसके साथ ही अस्पताल में एक और गायनी विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। अब गायनी ओपीडी में डॉ. मीनाक्षी के साथ डॉ. प्रतिभा भी सेवाएं देंगी। इससे गर्भवती महिलाओं को जांच व उपचार के लिए टांडा या निजी अस्पतालों में जाने की परेशानी काफी हद तक कम होगी। प्रसूति कक्ष में भी सुविधाएं सुचारू होंगी।
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इसके अतिरिक्त 10 नवंबर तक ईएनटी ओपीडी में भी डॉ. गरिमा अपनी सेवाएं शुरू कर देंगी। पहले ईएनटी विशेषज्ञ न होने के कारण टांडा से आने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर ही मरीजों की जांच कर रहे थे। जानकारी के अनुसार अस्पताल में चिकित्सकों के 40 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 30 चिकित्सक तैनात हैं और 10 पद अभी भी रिक्त हैं।
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मेडिकल बोर्ड के लिए अब विशेषज्ञ बुलाने की जरूरत नहीं
अस्पताल में एमडी मेडिसिन और ईएनटी विशेषज्ञ मिलने के बाद अब हर शनिवार को होने वाले मेडिकल बोर्ड के लिए बाहरी डॉक्टर नहीं बुलाने पड़ेंगे। मेडिकल बोर्ड की प्रमाणपत्र प्रक्रिया अस्पताल के चिकित्सकों से ही पूरी हो सकेगी।
धर्मशाला अस्पताल में गायनी और एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ ने ज्वाइन कर लिया है। अब मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही ईएनटी विशेषज्ञ भी ज्वाइन कर लेंगी। -डॉ. अनुराधा शर्मा, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला