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कृषि विवि पालमपुर में छात्रों ने कुलपति का मांगों को लेकर किया घेराब
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पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में सोमवार को एबीवीपी ने कुलपति का घेराव किया। कुलपति के कार्यालय में जाकर छात्रों ने अपनी मांगें रखीं। गुस्साए छात्रों ने इससे पहले नारेबाजी भी की। साथ ही चेताया कि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
परिषद की जिला संगठन मंत्री प्रीति नेगी और अध्यक्ष राहुल शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विद्यार्थियों में विवि में फीस बढ़ोतरी को लेकर खासा रोष दिखा। एबीवीपी का कहना है कि फीस ज्यादा होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी विवि में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। सड़कों की हालत काफी खराब है। विवि में उगाई जाने वाली फल-सब्जियों के दाम बाजार के मूल्य के बराबर करने और विवि की डिस्पेंसरी में दवाइयों की कमी का मामला भी कुलपति के समक्ष रखा। इस मौके पर संगठन के सचिव नितिन सूद समेत विवि के सभी कॉलेजों के छात्र और छात्राएं मौजूद रहे।
ये मांगें भी उठाईं
इसके अलावा विवि में शिक्षकों की कमी से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी, प्लेसमेंट सेल के निष्क्रिय होने से सालों से विवि परिसर में कोई प्लेसमेंट न होने और बीटेक करने वाले छात्रों को प्रयोग में लाए जाने वाले उपकरण पैसों से मंगवाए जाने, परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर परीक्षा में दोबारा बैठने पर फिर से दो या तीन हजार रुपये लेने पर भी रोष व्यक्त किया।
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परिषद की जिला संगठन मंत्री प्रीति नेगी और अध्यक्ष राहुल शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विद्यार्थियों में विवि में फीस बढ़ोतरी को लेकर खासा रोष दिखा। एबीवीपी का कहना है कि फीस ज्यादा होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी विवि में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। सड़कों की हालत काफी खराब है। विवि में उगाई जाने वाली फल-सब्जियों के दाम बाजार के मूल्य के बराबर करने और विवि की डिस्पेंसरी में दवाइयों की कमी का मामला भी कुलपति के समक्ष रखा। इस मौके पर संगठन के सचिव नितिन सूद समेत विवि के सभी कॉलेजों के छात्र और छात्राएं मौजूद रहे।
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ये मांगें भी उठाईं
इसके अलावा विवि में शिक्षकों की कमी से शिक्षा की गुणवत्ता में कमी, प्लेसमेंट सेल के निष्क्रिय होने से सालों से विवि परिसर में कोई प्लेसमेंट न होने और बीटेक करने वाले छात्रों को प्रयोग में लाए जाने वाले उपकरण पैसों से मंगवाए जाने, परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर परीक्षा में दोबारा बैठने पर फिर से दो या तीन हजार रुपये लेने पर भी रोष व्यक्त किया।
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