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निजी बस चालकों-परिचालकों को मांगा एचआरटीसी का वेतन-भता
Updated Fri, 04 May 2018 12:08 AM IST
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एचआरटीसी की तर्ज पर दिया जाए वेतन
संयुक्त समन्वय समिति ने डीसी से की मांग
निजी ऑपरेटरों पर कर्मियों के शोषण का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला।
परिवहन निगम की निर्धारित समयसारिणी का निजी बस ऑपरेटर उल्लंघन कर रहे हैं। यह बात संयुक्त समन्वय समिति हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मशाला के प्रधान की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कांगड़ा को सौंपे ज्ञापन में कही है। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर अपने चालकों और परिचालकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं तथा उन्हें कोई भी न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे वे अपनी आजीविका कमाने के लिए गलत ढंग से एचआरटीसी और अन्य बस ऑपरेटरों के टाइम के साथ छेड़छाड़ रहे हैं। इसी के चलते वे लापरवाही से बसों को सड़कों पर दौड़ाते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि निजी ऑपरेटरों के अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन को एचआरटीसी की तर्ज पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा ओवरलोडिंग वाले रूटों की जांच के लिए कमेटी बिठा कर उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर अपने चालकों-परिचालकों को पठानकोट-मनाली तथा मनाली-पठानकोट रूटों पर लगातार दौड़ाया जा रहा है। इस दौरान उन्हें आराम करने का समय नहीं मिल रहा, जो एमवी एक्ट और लेबर एक्ट की सरेआम धज्जियां उड़ाना है। संयुक्त समन्वय समिति ने डीसी कांगड़ा से मांग की है कि आरटीओ कांगड़ा को आदेश पारित कर ऐसे निजी ऑपरेटरों के विरुद्घ कार्रवाई अमल में लाई जाए। डीसी संदीप कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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संयुक्त समन्वय समिति ने डीसी से की मांग
निजी ऑपरेटरों पर कर्मियों के शोषण का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला।
परिवहन निगम की निर्धारित समयसारिणी का निजी बस ऑपरेटर उल्लंघन कर रहे हैं। यह बात संयुक्त समन्वय समिति हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मशाला के प्रधान की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने डीसी कांगड़ा को सौंपे ज्ञापन में कही है। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर अपने चालकों और परिचालकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं तथा उन्हें कोई भी न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे वे अपनी आजीविका कमाने के लिए गलत ढंग से एचआरटीसी और अन्य बस ऑपरेटरों के टाइम के साथ छेड़छाड़ रहे हैं। इसी के चलते वे लापरवाही से बसों को सड़कों पर दौड़ाते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि निजी ऑपरेटरों के अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन को एचआरटीसी की तर्ज पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा ओवरलोडिंग वाले रूटों की जांच के लिए कमेटी बिठा कर उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर अपने चालकों-परिचालकों को पठानकोट-मनाली तथा मनाली-पठानकोट रूटों पर लगातार दौड़ाया जा रहा है। इस दौरान उन्हें आराम करने का समय नहीं मिल रहा, जो एमवी एक्ट और लेबर एक्ट की सरेआम धज्जियां उड़ाना है। संयुक्त समन्वय समिति ने डीसी कांगड़ा से मांग की है कि आरटीओ कांगड़ा को आदेश पारित कर ऐसे निजी ऑपरेटरों के विरुद्घ कार्रवाई अमल में लाई जाए। डीसी संदीप कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।