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आचार संहिता में रुके नपं बैजनाथ-पपरोला विकास कार्य
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चुनाव आचार संहिता में रुके नपं
बैजनाथ-पपरोला के विकास कार्य
नपं के पास विभिन्न विकास कार्यों के लिए पड़ी है पांच करोड़ की राशि
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पंचायत में शामिल बैजनाथ पपरोला नपं के करोड़ों के विकास कार्यों पर चुनावी आचार संहिता का प्रतिकूल असर पड़ा है। नपं के गठन के बाद से 11 वार्डों के कूड़े-कर्कट को ठिकाने लगाने लिए बनने वाली डंपिंग साइट का कार्य अधर में लटक गया है।
डंपिंग साइट के अभाव में कूड़े-कर्कट को नियमों के खिलाफ विनबा खड्ड के समीप आग की भेंट कर नष्ट किया जा रहा है। इससे पर्यावरण के साथ खड्ड का पानी भी दूषित हो रहा है। इसी प्रकार नपं के तहत विभिन्न वार्डों में स्थापित होने वाली 450 एलईडी और सोलर लाइटों का कार्य भी आगे नहीं बढ़ सका है। खीर गंगा घाट के समीप दो करोड़ रुपये से तैयार होने वाली पार्किंग का कार्य शिलान्यास और बजट के बावजूद अधर में लटक गया है। तीन वार्डों में बनने वाले पार्क में से दो के टेंडर होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा चार करोड़ के नपं के ग्यारह वार्डों के 98 रास्तों के लिए टेंडर होने के बावजूद उनको रद्द करना पड़ा है। हालांकि इन रास्तों के टेंडर के रद्द होने के पीछे पर्याप्त बजट न होना भी एक कारण रहा है, लेकिन अब बजट होने के बावजूद इन रास्तों के टेंडर आचार संहिता के बाद ही हो सकेंगे। उधर, नपं की अध्यक्ष रुची कपूर ने बताया कि नपं के पास विभिन्न विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि पड़ी है। आचार संहिता के बाद समस्त रुके कार्यों को शुरू करवाने के साथ स्टाफ की कमी को दूर करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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बैजनाथ-पपरोला के विकास कार्य
नपं के पास विभिन्न विकास कार्यों के लिए पड़ी है पांच करोड़ की राशि
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पंचायत में शामिल बैजनाथ पपरोला नपं के करोड़ों के विकास कार्यों पर चुनावी आचार संहिता का प्रतिकूल असर पड़ा है। नपं के गठन के बाद से 11 वार्डों के कूड़े-कर्कट को ठिकाने लगाने लिए बनने वाली डंपिंग साइट का कार्य अधर में लटक गया है।
डंपिंग साइट के अभाव में कूड़े-कर्कट को नियमों के खिलाफ विनबा खड्ड के समीप आग की भेंट कर नष्ट किया जा रहा है। इससे पर्यावरण के साथ खड्ड का पानी भी दूषित हो रहा है। इसी प्रकार नपं के तहत विभिन्न वार्डों में स्थापित होने वाली 450 एलईडी और सोलर लाइटों का कार्य भी आगे नहीं बढ़ सका है। खीर गंगा घाट के समीप दो करोड़ रुपये से तैयार होने वाली पार्किंग का कार्य शिलान्यास और बजट के बावजूद अधर में लटक गया है। तीन वार्डों में बनने वाले पार्क में से दो के टेंडर होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा चार करोड़ के नपं के ग्यारह वार्डों के 98 रास्तों के लिए टेंडर होने के बावजूद उनको रद्द करना पड़ा है। हालांकि इन रास्तों के टेंडर के रद्द होने के पीछे पर्याप्त बजट न होना भी एक कारण रहा है, लेकिन अब बजट होने के बावजूद इन रास्तों के टेंडर आचार संहिता के बाद ही हो सकेंगे। उधर, नपं की अध्यक्ष रुची कपूर ने बताया कि नपं के पास विभिन्न विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि पड़ी है। आचार संहिता के बाद समस्त रुके कार्यों को शुरू करवाने के साथ स्टाफ की कमी को दूर करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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