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कछुआ चाल से चला भागसू नाग मंदिर का काम, लोग परेशान
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज स्थित भागसू नाग मंदिर कछुआ चाल से चले पुनर्निर्माण कार्य से यहां श्रद्घालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर में आकर श्रद्घालु शीश तो नवा रहे लेकिन मंदिर के इतिहास से संबंधित जानकारी और यहां पर नहाने की कोई व्यवस्था नहीं है। क्योंकि, करीब छह माह पहले मंदिर का पुर्ननिर्माण कार्य तो शुरू हुआ। लेकिन, मंदिर भवन, पार्किंग और तालाब को तोड़ने के बाद इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। मंदिर कमेटी सदस्यों और स्थानीय लोगों की माने तो मंदिर के पुर्ननिर्माण का कार्य शुरू होने पर ही प्रशासन से मांग की गई थी कि मंदिर का काम चरणों में किया जाए। इससे पर्यटकों और श्रद्घालुओं को दिक्कत न हो। लेकिन, मंदिर सहित इसके आस-पास के पूरे स्थान पर तोड़-फोड़ तो हो गई है। लेकिन, अब काम शुरू नहीं हो पा रहा है। एसडीएम धर्मशाला जतिन लाल ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर का दौरा किया जाएगा। यदि मंदिर के पुननिर्माण कार्य में देरी बरती जा रही है, तो निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बाक्स
करीब दो सप्ताह से बंद है काम
भागसूनाग मंदिर में ढांचे को गिराने के बाद करीब दो सप्ताह से काम बंद पड़ा हुआ है। पर्यटन और श्रद्धालुओं की श्रद्धा की दृष्टि से भागसूनाग मंदिर एक अहम धार्मिक स्थान है। यहां पर मंदिर सहित बाबा की धूनी, समाधियां और शिवलिंग आदि स्थापित किए गए हैं। भवन गिराने के बाद यहां पर धुल-मिट्टी बढ़ गई है। इससे बरसात आदि होने पर श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हो सकती है।
जल्द शुरू किया जाए निर्माण कार्य
मंदिर कमेटी सदस्य शमशेर सिंह नैहरिया, पीसी नैहरिया, हरि सिंह नैहरिया सहित स्थानीय निवासियों प्रताप चंद, अरविंद, कमल, रविंद्र नैहरिया, विजय कुमार, करतार सिंह, चेतन, गोधम, जोगिंद्र सिंह, विजय कुमार, सुरेश, राजीव, रातेश, मनोज, ओम प्रकाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि मंदिर का निर्माण चरणवद्ध तरीके से करने की पहले ही प्रशासन से मांग उठाई गई थी। इससे कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, लेकिन मंदिर के पूरे भवन सहित आसपास के क्षेत्रों में तोड़फोड़ तो हो गई है। अब इसका काम शुरू नहीं हो पा रहा है। वे प्रशासन से कई बार मंदिर निर्माण का काम शुरू करने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है।
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धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज स्थित भागसू नाग मंदिर कछुआ चाल से चले पुनर्निर्माण कार्य से यहां श्रद्घालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर में आकर श्रद्घालु शीश तो नवा रहे लेकिन मंदिर के इतिहास से संबंधित जानकारी और यहां पर नहाने की कोई व्यवस्था नहीं है। क्योंकि, करीब छह माह पहले मंदिर का पुर्ननिर्माण कार्य तो शुरू हुआ। लेकिन, मंदिर भवन, पार्किंग और तालाब को तोड़ने के बाद इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। मंदिर कमेटी सदस्यों और स्थानीय लोगों की माने तो मंदिर के पुर्ननिर्माण का कार्य शुरू होने पर ही प्रशासन से मांग की गई थी कि मंदिर का काम चरणों में किया जाए। इससे पर्यटकों और श्रद्घालुओं को दिक्कत न हो। लेकिन, मंदिर सहित इसके आस-पास के पूरे स्थान पर तोड़-फोड़ तो हो गई है। लेकिन, अब काम शुरू नहीं हो पा रहा है। एसडीएम धर्मशाला जतिन लाल ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर का दौरा किया जाएगा। यदि मंदिर के पुननिर्माण कार्य में देरी बरती जा रही है, तो निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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करीब दो सप्ताह से बंद है काम
भागसूनाग मंदिर में ढांचे को गिराने के बाद करीब दो सप्ताह से काम बंद पड़ा हुआ है। पर्यटन और श्रद्धालुओं की श्रद्धा की दृष्टि से भागसूनाग मंदिर एक अहम धार्मिक स्थान है। यहां पर मंदिर सहित बाबा की धूनी, समाधियां और शिवलिंग आदि स्थापित किए गए हैं। भवन गिराने के बाद यहां पर धुल-मिट्टी बढ़ गई है। इससे बरसात आदि होने पर श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हो सकती है।
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जल्द शुरू किया जाए निर्माण कार्य
मंदिर कमेटी सदस्य शमशेर सिंह नैहरिया, पीसी नैहरिया, हरि सिंह नैहरिया सहित स्थानीय निवासियों प्रताप चंद, अरविंद, कमल, रविंद्र नैहरिया, विजय कुमार, करतार सिंह, चेतन, गोधम, जोगिंद्र सिंह, विजय कुमार, सुरेश, राजीव, रातेश, मनोज, ओम प्रकाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि मंदिर का निर्माण चरणवद्ध तरीके से करने की पहले ही प्रशासन से मांग उठाई गई थी। इससे कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो, लेकिन मंदिर के पूरे भवन सहित आसपास के क्षेत्रों में तोड़फोड़ तो हो गई है। अब इसका काम शुरू नहीं हो पा रहा है। वे प्रशासन से कई बार मंदिर निर्माण का काम शुरू करने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है।
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