{"_id":"5a9c398d4f1c1bf07b8ba71e","slug":"131520187789-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलईडी स्ट्रीट लाईट्स के बिल भुगतान को एमसी धर्मशाला जुगाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलईडी स्ट्रीट लाईट्स के बिल भुगतान को एमसी धर्मशाला जुगाड़
Updated Sun, 04 Mar 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरीश चंद्र
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिल के भुगतान के लिए नया जुगाड़ ढूंढा है। अगर एमसी धर्मशाला की इस नई कवायद को मंजूरी मिलती है, तो स्मार्ट सिटी के बिजली उपभोक्ताओं से ही प्रत्यक्ष रूप से एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिलों का भुगतान हो जाएगा। जानकारी के अनुसार नगर निगम धर्मशाला ने प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एमसी ने बिजली बोर्ड से धर्मशाला शहर के उपभोक्ता के बिल के 100 रुपये में से दो से 10 रुपये तक नगर निगम के देने की मांग की है। इससे एमसी धर्मशाला शहर में लगी एलईडी लाइटों का मासिक बिल चुकता करेगा। हालांकि इसका बिजली उपभोक्ताओं पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ताओं के पैसे ही शहर की स्ट्रीट लाइटों के बिल भरने की एमसी धर्मशाला ने योजना बनाई है। अगर प्रदेश सरकार एमसी धर्मशाला के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, जो नगर निगम को लगभग ढाई से तीन लाख रुपये के मासिक बिल देने से राहत मिलेगी।
17 वार्डों में लगे हैं 30 बिजली मीटर
नगर निगम धर्मशाला ने नाम पर शहर के 17 वार्डों में 30 बिजली मीटर लगे हैं। इनसे एलईडी स्ट्रीट लाइट्स चलती हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर 2700 के आस-पास एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
कोट्स
नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि प्रदेश सरकार को बिजली बोर्ड से 100 में से चार से 10 रुपये तक की राशि एमसी को इलेक्ट्रिसिटी टैक्स के रूप में देने के बारे में प्रस्ताव भेजा है। इस राशि से शहर की एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिल का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
कोट्स
बिजली बोर्ड धर्मशाला अधिशासी अभियंता अजय गौतम ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी टैक्स में एक यूनिट बिजली खर्च करने पर एक पैसा एमसी को देने का प्रावधान है। पूरे नगर निगम के सभी उपभोक्ता जितनी यूनिट बिजली खर्च करते हैं। उसमें से एक पैसे प्रति यूनिट एमसी के एलईडी स्ट्रीट लाइट्स के बिलों का भुगतान किया जाएगा। यह राशि उपभोक्ता से एक पैसा प्रति यूनिट वसूली जाएगी।
विज्ञापन
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला ने एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिल के भुगतान के लिए नया जुगाड़ ढूंढा है। अगर एमसी धर्मशाला की इस नई कवायद को मंजूरी मिलती है, तो स्मार्ट सिटी के बिजली उपभोक्ताओं से ही प्रत्यक्ष रूप से एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिलों का भुगतान हो जाएगा। जानकारी के अनुसार नगर निगम धर्मशाला ने प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एमसी ने बिजली बोर्ड से धर्मशाला शहर के उपभोक्ता के बिल के 100 रुपये में से दो से 10 रुपये तक नगर निगम के देने की मांग की है। इससे एमसी धर्मशाला शहर में लगी एलईडी लाइटों का मासिक बिल चुकता करेगा। हालांकि इसका बिजली उपभोक्ताओं पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ताओं के पैसे ही शहर की स्ट्रीट लाइटों के बिल भरने की एमसी धर्मशाला ने योजना बनाई है। अगर प्रदेश सरकार एमसी धर्मशाला के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, जो नगर निगम को लगभग ढाई से तीन लाख रुपये के मासिक बिल देने से राहत मिलेगी।
17 वार्डों में लगे हैं 30 बिजली मीटर
नगर निगम धर्मशाला ने नाम पर शहर के 17 वार्डों में 30 बिजली मीटर लगे हैं। इनसे एलईडी स्ट्रीट लाइट्स चलती हैं। शहर के विभिन्न स्थानों पर 2700 के आस-पास एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
विज्ञापन
कोट्स
नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि प्रदेश सरकार को बिजली बोर्ड से 100 में से चार से 10 रुपये तक की राशि एमसी को इलेक्ट्रिसिटी टैक्स के रूप में देने के बारे में प्रस्ताव भेजा है। इस राशि से शहर की एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बिल का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
कोट्स
बिजली बोर्ड धर्मशाला अधिशासी अभियंता अजय गौतम ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी टैक्स में एक यूनिट बिजली खर्च करने पर एक पैसा एमसी को देने का प्रावधान है। पूरे नगर निगम के सभी उपभोक्ता जितनी यूनिट बिजली खर्च करते हैं। उसमें से एक पैसे प्रति यूनिट एमसी के एलईडी स्ट्रीट लाइट्स के बिलों का भुगतान किया जाएगा। यह राशि उपभोक्ता से एक पैसा प्रति यूनिट वसूली जाएगी।