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पौंग बांध की जमीन पर खेती करने वालों को नोटिस

Sun, 30 Sep 2018 11:34 PM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:34 PM IST
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पौंग बांध की जमीन पर खेती करने वालों को नोटिस
पौंग बांध की जमीन पर खेती करने वालों को नोटिस
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खाली भूमि पर अवैध रूप से खेती करने वालों में मचा हड़कंप
वन्य प्राणी विभाग नगरोटा सूरियां ने की कार्रवाई
सात दिन के भीतर कब्जाधारक खुद हटाएं बाढ़ या तारबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। पौंग बांध की खाली जमीन पर अवैध रूप से खेती करने वालों को वन्य प्राणी विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। विभाग के नोटिस से पौंग बांध की भूमि पर खेती करने वालों में हड़कंप मच गया है। यदि कोई भी व्यक्ति सरकार के इस नोटिस की अवहेलना करेगा तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। विभाग के दायरे में नगरोटा सूरियां, धमेटा, जवाली, देहरा, भटौली फकोरिया और पौंग डैम छह बीटें हैं। इनमें से नगरोटा सूरियां, भटोली फकोरिया और ज्वाली में सबसे अधिक अवैध खेती होती है। 500 से अधिक लोग बांध में पानी चढ़ने से पौंग डैम की करीब पांच हजार हेक्टेयर से अधिक खाली भूमि है, उस पर खेती करते हैं। जब यह जलस्तर नीचे चला जाएगा तो अवैध खेती करने वालों की सूची बढ़ जाएगी। विभाग ने सभी लोगों को नोटिस दिया है कि सात दिन के भीतर पौंग बांध की भूमि पर की बाढ़ या तारबंदी को खुद उखाड़ लें अन्यथा बीबीएमबी के सहयोग से माननीय उच्च न्यायालय और सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार सख्त कार्रवाई करेगा। बरसात के बाद पौंग बांध में धीरे-धीरे जलस्तर कम होता है। जिसके चलते कई प्रभावशाली लोग पौंग बांध की खाली भूमि पर अवैध रूप से खेती कर लाखों रुपये कमाते हैं। इस बार वन्य प्राणी विभाग ने पौंग डैम पर खाली पड़ी भूमि पर अवैध खेती करने वालों पर पहले ही शिकंजा कस दिया है। वन्य प्राणी विभाग नगरोटा सूरियां ने इस बाबत सख्ती करते हुए पौंग डैम एरिया में अवैध खेती करने वालों की सूची बनाकर उन्हें नोटिस देना शुरू कर दिए हैं। इसकी एक सूची भाखड़ा ब्यास प्रबंधक बोर्ड तलवाड़ा को भी भेज दी है। उधर, वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ कृष्ण कुमार ने बताया कि यह नोटिस माननीय उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों और वन्य प्राणी जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत ध्यान में रखते हुए दिए गए हैं।
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