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चैक बाउंस मामले में ठेकेदार को कैद
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:36 PM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। सामान खरीदने के एवज में दिया गया चेक बैंक में बाउंस होने पर न्यायाधीश अमित मंडयाल की अदालत ने ठेकेदार को छह महीने की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के वकील राजन शर्मा ने बताया कि आरोपी ठेकेदार संतोष ने पालमपुर क्षेत्र की लक्ष्मी सीमेंट वर्कर्स से 2012 में कंकरीट टाइल और ब्लाक आदि खरीदे थे, जिसका कुल बिल 33,530 रुपये बना था। ठेकेदार ने 24 दिसंबर 2012 को लक्ष्मी सीमेंट वर्कर्स को सामान के बिल के भुगतान के लिए एक चेक दे दिया। फर्म के मालिक ने बैंक में चेक
लगाया तो बैंक से यह कहकर चेक वापस कर दिया कि ठेकेदार ने जिस अकाउंट का यह चेक दिया है, वह अकाउंट बंद किया जा चुका है। फर्म के मालिक ने पेमेंट को लेकर ठेेेकेदार से कई बार बात की, लेकिन उसे भुगतान नहीं मिला। इसके बाद फर्म के मालिक ने कोर्ट में केस दायर किया। अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि न्यायाधीश अमित मंडयाल की अदालत ने
सारे तथ्यों के आधार पर ठेकेदार को छह माह की कैद और 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने का फैसला सुनाया है।
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लगाया तो बैंक से यह कहकर चेक वापस कर दिया कि ठेकेदार ने जिस अकाउंट का यह चेक दिया है, वह अकाउंट बंद किया जा चुका है। फर्म के मालिक ने पेमेंट को लेकर ठेेेकेदार से कई बार बात की, लेकिन उसे भुगतान नहीं मिला। इसके बाद फर्म के मालिक ने कोर्ट में केस दायर किया। अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि न्यायाधीश अमित मंडयाल की अदालत ने
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सारे तथ्यों के आधार पर ठेकेदार को छह माह की कैद और 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता को देने का फैसला सुनाया है।