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Health: हिमाचल के अस्पतालों में एलिसा तकनीक से रक्त की जांच के निर्देश, छोटे ब्लड बैंक को आ सकती हैं दिक्कतें

Wed, 12 Nov 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 12 Nov 2025 02:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में सभी अस्पतालों के ब्लड बैंक को दान किए रक्त की जांच एलिसा तकनीक से करने के निर्देश दिए गए हैं। एलिसा तकनीक से सटीक परिणाम मिलते हैं, लेकिन इससे जुड़ी कुछ व्यावहारिक समस्याएं हैं। पढ़ें पूरी खबर...
 

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Instructions for blood testing using ELISA technology in Himachal hospitals
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी ने सभी अस्पतालों के ब्लड बैंक को दान किए रक्त की जांच एलिसा तकनीक से करने के निर्देश दिए हैं। शिमला के बड़े अस्पतालों में एलिसा टेस्ट के लिए मशीनें और सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों में इस तकनीक का उपयोग करने में मुश्किलें पेश आ सकती हैं।

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एलिसा यानी एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट ऐसे (एलिसा) एक जैव-रासायनिक जांच प्रक्रिया है। इसका उपयोग रक्त जैसे नमूनों में प्रोटीन, एंटीबॉडी और हार्मोन जैसे पदार्थों का पता लगाने और उनकी मात्रा निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यह एंटीबॉडी और एक जुड़े हुए एंजाइम का उपयोग करके पता लगाने योग्य तब संकेत उत्पन्न करता है, जब नमूने में कोई विशिष्ट एंटीजन मौजूद होता है।

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शिमला के आईजीएमसी, दीन दयाल उपाध्याय और कमला नेहरू अस्पतालों में एलिसा टेस्ट की सुविधा है। अन्य जिला और प्रदेश के छोटे अस्पतालों में एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सी, मलेरिया और सिफलिस जैसे संक्रमणों की जांच के लिए अब भी रैपिड टेस्ट का उपयोग किया जाता है, ताकि जल्द परिणाम मिल सकें।

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एलिसा तकनीक से सटीक परिणाम मिलते हैं, लेकिन इससे जुड़ी कुछ व्यावहारिक समस्याएं हैं। छोटे ब्लड बैंकों में इससे परीक्षण करने में कठिनाई इसलिए आती है क्योंकि एक किट में सामान्यत: 80 से 90 रक्त नमूनों की जांच होती है। ऐसे में केवल एक या दो नमूनों की जांच करने पर पूरी किट वेस्ट होने की समस्या रहती है। इसके अलावा इस तकनीक में जांच की प्रक्रिया में समय अधिक लगता है। इससे ऑपरेशन या आपात स्थिति में रक्त की तत्काल मांग आने पर जांच में देरी हो सकती है।

एलिसा से की जा रही जांच
आईजीएमसी और केएनएच के ब्लड बैंक में एलिसा टेस्ट किए जाते हैं। दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भी यह सुविधा है। रक्तदान शिविरों से एकत्र किए गए रक्त की जांच इसी तकनीक से की जाती है। एलिसा टेस्ट से रक्त जांच के सटीक परिणाम मिलते हैं। -डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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