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जमीन छीनने के बाद रामदेव और सरकार में ठनी

Thu, 21 Feb 2013 10:31 AM IST
शिमला/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
शिमला/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 21 Feb 2013 10:31 AM IST
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Himachal set to take back land from Baba Ramdev

हिमाचल की कांग्रेस सरकार द्वारा बाबा रामदेव की योगपीठ को दी गई जमीन की लीज डीड रद करने के फैसले के बावजूद योगगुरु इस पीठ का उद्घाटन करने पर अडिग हैं। राज्य सरकार के इस फैसले से खफा योगगुरु आक्रमक मुद्रा में आ गये हैं। उनके तेवरों से हिमाचल सरकार की परेशानी बढ़ गई है।

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खबरों के अनुसार बाबा रामदेव के हिमाचल प्रवेश पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है। कानून और व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री बीरभद्र सिंह ने जिले के कलेक्टर और एसपी को शिमला तलब किया है।
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27 का कार्यक्रम होकर रहेगा: बालकृष्ण
दूसरी तरफ, पतंजलि योगपीठ 11 करोड़ की लागत से तैयार हो चुकी अपनी ओपीडी और परामर्श केंद्र सहित प्रथम चरण में स्थापित की गई सुविधाओं को शुरु करने की तैयारी में है। पतंजलि ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि सरकार की ओर से कोई नोटिस अभी तक नहीं मिला है, उन्हें अमर उजाला के माध्यम से इस फैसले का पता चला है।

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आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वह उतने ही भारतीय हैं, जितने राहुल गांधी। सीबीआई भी उनकी भारतीयता में खोट नहीं तलाश पाई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग अच्छे हैं, लेकिन केंद्र में बैठी भ्रष्टाचार की पोषक सरकार के इशारे पर यह किया गया है। उन्होंने दोहराया कि 27 का भव्य कार्यक्रम होकर रहेगा और इसे कोई नहीं रोक सकता। जरूरत पड़ी तो ट्रस्ट कोर्ट जाएगा।

10 करोड़ लौटा दो, छोड़ दूंगा जमीन: रामदेव
योगगुरु बाबा रामदेन ने एक विशेष बातचीत में कहा कि वह कारोबार के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के लिए हिमाचल आए हैं और ईमानदारी से निवेश किया है। राज्य सरकार ने जो फैसला लिया है, वह उसका अधिकार है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। यह सरकार उन्हें निवेश किए गए 10 करोड़ लौटा दे और जमीन ले ले। नहीं तो उनके पास अन्य विकल्प भी हैं।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ को भाजपा शासनकाल में सोलन के साधुपुल में 99 साल की लीज पर 17 लाख रुपये में ज़मीन दी गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 19 जून, 2010 को इसका शिलान्यास भी किया था। अब जबकि पतंजलि योगपीठ का पहला चरण यहां पूरा हो चुका है और 27 फरवरी को उद्घाटन प्रस्तावित है, तब कांग्रेस सरकार ने जमीन की लीज ही रद्द कर दी है।


इसी परिसर में पतंजलि ट्रस्ट ने योग भवन और चिकित्सालय बनाया है, जिसका शुभारंभ करने बाबा रामदेव 27 फरवरी को खुद आ रहे हैं। यहां करीब 200 कर्मचारियों को भर्ती करने की प्रक्रिया भी जारी है।

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