{"_id":"8c8f710c-587a-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"himachal-govt-set-inquiry-up-for-allotted-land-to-balkrishna-and-prashant-bhushan","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालकृष्ण-प्रशांत भूषण को आवंटित भूमि की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालकृष्ण-प्रशांत भूषण को आवंटित भूमि की जांच शुरू
रोहित नागपाल/शिमला
Updated Mon, 07 Jan 2013 09:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यकाल में योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण को 99 साल की लीज पर 96 बीघा जमीन देने की जांच शुरू हो गई है। यह जमीन सोलन जिले में दी गई है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की सोसायटी द्वारा पालमपुर में खरीदी गई भूमि की भी जांच होगी।
विज्ञापन
आचार्य बालकृष्ण को सोलन जिले के साधु पुल में 96.2 बीघा जमीन एक रुपया मासिक दर पर 99 साल की लीज पर दी गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ चार्जशीट में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। कांग्रेस ने 96 बीघा जमीन मात्र 1188 रुपये में 99 साल के लिए लीज पर देने पर भाजपा सरकार को घेरा था।
विज्ञापन
प्रशांत भूषण की एजूकेशनल सोसायटी को कंडवाड़ी, पालमपुर (कांगड़ा) में भूमि खरीदने की अनुमति धारा 118 के तहत पूर्व सरकार के समय में दी गई थी। हालांकि इन्होंने हिमाचल में भूमि खरीदने के लिए आवेदन 2007 से पहले किया था। तब कांग्रेस की सरकार थी पर, मंजूरी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय में मिली है। सोसायटी ने 4.66 हेक्टेयर भूमि करीब 35 लाख रुपये में खरीदी।
विज्ञापन
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इन दोनों मामलों में पूरे दस्तावेज जुटाने का काम शुरू कर दिया है। इन मामलों की तह तक जाने के बाद ही विभाग की ओर से पूरी रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जानी है। इसके बाद ही बाबा रामदेव के सहयोगी को लीज पर दी गई जमीन पर अंतिम फैसला लिया जाना है। धारा 118 के मामलों में राजस्व विभाग अब फील्ड स्तर से भेजी गईं सभी रिपोर्टों और मंजूरी के दस्तावेज मंगवा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व पी. मित्रा का कहना है कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी लीज और धारा 118 के मामलों की जांच शुरू कर दी है। इसमें बालकृष्ण को लीज पर दी गई भूमि और प्रशांत भूषण को भूमि खरीदने के मामले में दी गई मंजूरी का मामला भी शामिल है।