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Hamirpur (Himachal) News: रोजगार की तलाश में रूस गए सुजानपुर के युवक की बीमारी से मौत
Sat, 17 Oct 2026 01:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:42 AM IST
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बलेहू पंचायत के 45 वर्षीय विनीत कुमार। फाइल फोटो
सुजानपुर (हमीरपुर)। रोजगार की तलाश में रूस गए बलेहू पंचायत के 45 वर्षीय विनीत कुमार की मॉस्को में बीमारी के चलते मौत हो गई। 17 दिन के इंतजार के बाद शुक्रवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा।
शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। विनीत कुमार करीब एक माह पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर रूस गए थे। वहां एक माह तक नौकरी नहीं मिल पाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के चलते मॉस्को में उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। विदेश में मौत होने के कारण पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया में 17 दिन लग गए।
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शव मॉस्को से दिल्ली पहुंचने के बाद पंचायत प्रधान रविंद्र सिंह, उपप्रधान गोल्डी धीमान, मृतक के भाई सतीश कुमार और अन्य परिजन उसे लेने दिल्ली पहुंचे। इसके बाद पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाया गया।
विनीत कुमार अपने पीछे पत्नी और पांच वर्षीय बेटे दिवांश को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्य पिछले 17 दिनों से उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। उनकी मौत से बलेहू पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है।
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शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। विनीत कुमार करीब एक माह पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर रूस गए थे। वहां एक माह तक नौकरी नहीं मिल पाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
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स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के चलते मॉस्को में उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। विदेश में मौत होने के कारण पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया में 17 दिन लग गए।
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शव मॉस्को से दिल्ली पहुंचने के बाद पंचायत प्रधान रविंद्र सिंह, उपप्रधान गोल्डी धीमान, मृतक के भाई सतीश कुमार और अन्य परिजन उसे लेने दिल्ली पहुंचे। इसके बाद पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाया गया।
विनीत कुमार अपने पीछे पत्नी और पांच वर्षीय बेटे दिवांश को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्य पिछले 17 दिनों से उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। उनकी मौत से बलेहू पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है।

बलेहू पंचायत के 45 वर्षीय विनीत कुमार। फाइल फोटो