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कारगिल में लिखी थी शौर्य और बलिदान की गाथा : अमरजीत

Sat, 27 Jul 2024 03:53 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 03:53 AM IST
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The saga of bravery and sacrifice was written in Kargil: Amarjeet
कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रम में  एसपी भगत सिंह ठाकुर ने उपस्थित लोगों को शहीदों के सम्मान की
कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा पार्क में जिलास्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इसमें उपायुक्त अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर, अन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और गणमान्य लोगों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस की टुकड़ी ने भी सलामी दी। शहीद सैनिकों को नमन करते हुए उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व भारत के वीर सैनिकों ने कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर अदम्य साहस और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की एक ऐसी गाथा लिखी थी, जिसे भारतवासी कभी भी नहीं भुला सकते हैं। इस युद्ध में भारत के वीर सैनिकों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में जीत हासिल करके दुश्मन को एक बार फिर यह चेतावनी दी थी कि हमारी सीमाओं की ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता है। इस युद्ध में भारत के 527 वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिनमें हिमाचल के 52 सैनिक शामिल थे। प्रदेश के दो वीर सैनिकों शहीद कैप्टन विक्रम बतरा और सूबेदार संजय कुमार को वीरता के सर्वोच्च पुरस्कार परमवीर चक्र से अलंकृत किया गया था। जिला हमीरपुर के भी 8 सैनिकों ने अपनी शहादत दी थी। सैनिकों और इनके परिजनों को सम्मान देना और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखना हम सबका कर्तव्य है। इस दौरान उपायुक्त ने कारगिल युद्ध के 8 शहीदों के परिजनों को विशेष रूप से सम्मानित किया। जबकि, एसपी भगत सिंह ठाकुर ने उपस्थित लोगों को शहीदों के सम्मान की शपथ दिलाई। इससे पहले जिला सैनिक कल्याण उपनिदेशक स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा ने उपायुक्त, एसपी और अन्य अधिकारियों, शहीद सैनिकों के परिजनों और पूर्व सैनिकों का स्वागत किया तथा कारगिल युद्ध की गाथा का स्मरण किया। कारगिल युद्ध के घायल वीर सैनिक हवलदार मेहर सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए।





ये आठ जवान हुए थे शहीद

हवलदार कश्मीर सिंह गांव उहल तहसील टौणी देवी
हवलदार राजकुमार गांव बगलू, डाकघर कक्कड़ तहसील टौणी देवी

सिपाही दिनेश कुमार गांव अंदराल डाकघर उहल तहसील टौणी देवी

राइफलमैन दीप चंद गांव बरोटी तहसील बड़सर
हवलदार स्वामी दास चंदेल गांव समलेहड़ा डाकघर बगवाड़ा तहसील टौणी देवी

राइफलमैन प्रवीण कुमार गांव खलावट डाकघर सठवीं तहसील बड़सर
राइफलमैन सुनील कुमार गांव त्यानकड़ डाकघर चबूतरा तहसील सुजानपुर

सिपाही राकेश कुमार गांव कछ पलाही डाकघर बीड़ बगेहड़ा तहसील सुजानपुर







बलिदानियों की शौर्य गाथा को नहीं भूला सकता कोई : सुरेश
जाहू (हमीरपुर)। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद हमीरपुर इकाई ने भोरंज उपमंडल के प्रसिद्ध संतोषी माता लदरौर परिसर में कारगिल विजय दिवस मनाया तथा सेना के वीर सैनिकों को याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त मेजर रमेश चंद वर्मा ने की और भोरंज के विधायक सुरेश कुमार बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। इस दौरान सुरेश कुमार, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और उनके परिवार के सदस्यों ने बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर उन्हें याद किया। भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने उपस्थित पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे सैनिक दिन-रात कठिन से कठिन ड्यूटी देने का कार्य कर रहे है। बलिदानियों की शौर्य गाथा को कोई भी नहीं भुला सकता।
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शहीदों के परिजनों को बड़सर में किया सम्मानित

बड़सर/बिझड़ी (हमीरपुर)। कारगिल विजय दिवस पर बड़सर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने शहीद परिवारों के सम्मान में समारोह का आयोजन किया। विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में शहीद सैनिक परिवारों सहित 150 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। समारोह के शुभारंभ में कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए शहादत पाने वाले वीर सपूतों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने इस समारोह में उपस्थित हुए शहीद परिवारों सहित देश के लिए सर्वोच्च काम करने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया।
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कारगिल शहीदों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा : राणा

सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने शुक्रवार को सुजानपुर में कारगिल विजय दिवस पर मंडल भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कारगिल शहीदों का सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। यह दिन भारतीय सैनिकों की शौर्य गाथा के रूप में इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित हो चुका है। 25 साल पहले 26 जुलाई 1999 को आज ही के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था। दुनिया के सबसे खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र में लड़े गए इस युद्ध में भारत को जीत हासिल हुई थी।





कारगिल युद्ध ऐसा जिसमें सेना और नेताओं दोनों ने जीत हासिल की : धूमल
संवाद न्यूज एजेंसी

टौणीदेवी (हमीरपुर)। भारतीय सेना के वीर सैनिकों ने कई युद्ध जीते हैं, लेकिन राजनीतिक नेताओं ने टेबल पर हार दिए। कारगिल युद्ध एक ऐसा युद्ध था जिसमें हमारी सेना ने भी जीत का स्वाद चखा और हमारे नेताओं ने भी युद्ध जीता। इसलिए इस जीत को याद करने के लिए विजय दिवस मनाया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शुक्रवार को समीरपुर में भोरंज मंडल की ओर से आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, और तृतीय विश्व युद्ध में भारतीय सेना की प्रतिभा का लोहा मनवाया। 1948 में हम युद्ध जीते, लेकिन मामला संयुक्त राष्ट्र संघ में चला गया और जो फौज ने जीता था, वह हमारे नेताओं ने हार दिया। 1962 के युद्ध में नेता ने रोते हुए कहा कि हमारे देश के हाथ से नॉर्थ ईस्ट जा रहा है। 1965 का युद्ध जीतने के बाद हाजी पीर का दर्रा भी जीत लिया जो बहुत महत्वपूर्ण था, लेकिन ताशकंद के टेबल पर हार गए। 1971 में युद्ध जीतने के बाद शिमला की टेबल पर हार गए और 93000 सैनिक छोड़ दिए। इतने सारे युद्ध हमने जीते, लेकिन विजय दिवस कभी नहीं मनाया। जब हमने कारगिल युद्ध जीता तब से हमने विजय दिवस मनाना शुरू किया।





शहीदों के सम्मान में लगाया पीपल का पौधा

नादौन (हमीरपुर)। कारगिल विजय दिवस पर वरिष्ठ नागरिकों ने पूरे विधि विधान से विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद मझियार गांव में एक पीपल का पेड़ लगाया। वरिष्ठ नागरिकों जय किशन, विक्रम सिंह, कृष्ण कुमार, चौधरी चंदूलाल, अमर सिंह, राय सिंह पठानिया तथा विजय चौधरी आदि ने बताया कि चौधरी चंदू लाल ने अपने घर पर ही पीपल के पेड़ों की नर्सरी लगा रखी है और वह लोगों को भी पीपल के पौधे देते हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में पीपल का पेड़ ब्रह्मदेव का स्वरूप है और हिंदुओं की इस पेड़ के साथ गहरी आस्था जुड़ी है। प्राकृतिक तौर पर भी दुनिया में सबसे अधिक ऑक्सीजन का स्रोत पीपल का पेड़ ही है।







शहीदों के सम्मान में लगाया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
हमीरपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा मंडल हमीरपुर इकाई ने पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों व आम लोगों के लिए कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर गांधी चौक हमीरपुर में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। इसमें सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रयास संस्था के सौजन्य से संचालित सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की 2 टीमों ने अपना सहयोग दिया। युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष दीक्षित गौतम ने कहा कि वीर सैनिकों की याद में गांधी चौक पर विजय दिवस के उपलक्ष्य पर ज्योति भी प्रज्वलित की गई। स्वास्थ्य शिविर में 106 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें 11 लोग उच्च रक्तचाप, 12 लोग मधुमेह, 19 लोग हड्डियों के रोगों और 52 अन्य बीमारियों से पीड़ित पाए गए।
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