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Hamirpur (Himachal) News: गूगल मैप पर दर्ज होंगे जिले के स्वयं सहायता समूह
Sun, 30 Aug 2026 01:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:23 AM IST
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हमीरपुर। गांवों में अपने हुनर से कारोबार खड़ा कर रही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पाद अब स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहेंगे। जिले के करीब 300 स्वयं सहायता समूहों को गूगल मैप पर पंजीकृत कर उनकी लोकेशन ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की तैयारी है।
इससे लोग मोबाइल पर समूह की लोकेशन देखकर वहां पहुंच सकेंगे और महिलाओं के उत्पादों की जानकारी भी ले सकेंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसके लिए जिले के छह विकासखंडों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे और खंड स्तर पर महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। जिले में पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों से बड़ी संख्या में महिलाएं घर से ही अचार, पापड़, मसाले, बांस व घास से तैयार सामान, सिलाई-कढ़ाई, सजावटी वस्तुएं, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं।
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कई समूह मेलों, प्रदर्शनियों और स्थानीय बाजारों में उत्पाद बेच रहे हैं, लेकिन खरीदारों तक सीधे पहुंच बनाने में परेशानी आती है। गूगल मैप पर समूहों की लोकेशन उपलब्ध होने से ग्राहकों के लिए उत्पादों तक पहुंच आसान होगी और महिलाओं को बिक्री के लिए केवल बाजारों पर निर्भर रहने से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोट
स्वयं सहायता समूहों को गूगल मैप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। छह विकास खंडों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर महिलाओं को पंजीकरण और ऑनलाइन लोकेशन साझा करने की जानकारी दी जाएगी। इससे समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन पहचान मिलेगी और ग्राहक सीधे महिलाओं से संपर्क कर सामान खरीद सकेंगे। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर
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इससे लोग मोबाइल पर समूह की लोकेशन देखकर वहां पहुंच सकेंगे और महिलाओं के उत्पादों की जानकारी भी ले सकेंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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इसके लिए जिले के छह विकासखंडों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे और खंड स्तर पर महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। जिले में पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों से बड़ी संख्या में महिलाएं घर से ही अचार, पापड़, मसाले, बांस व घास से तैयार सामान, सिलाई-कढ़ाई, सजावटी वस्तुएं, खाद्य सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं।
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कई समूह मेलों, प्रदर्शनियों और स्थानीय बाजारों में उत्पाद बेच रहे हैं, लेकिन खरीदारों तक सीधे पहुंच बनाने में परेशानी आती है। गूगल मैप पर समूहों की लोकेशन उपलब्ध होने से ग्राहकों के लिए उत्पादों तक पहुंच आसान होगी और महिलाओं को बिक्री के लिए केवल बाजारों पर निर्भर रहने से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोट
स्वयं सहायता समूहों को गूगल मैप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। छह विकास खंडों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर महिलाओं को पंजीकरण और ऑनलाइन लोकेशन साझा करने की जानकारी दी जाएगी। इससे समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन पहचान मिलेगी और ग्राहक सीधे महिलाओं से संपर्क कर सामान खरीद सकेंगे। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर