फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Started business by making bags at home with Rs 100, today earning thousands, Banita became an inspiration for others.

Hamirpur (Himachal) News: घर पर बैग बनाकर 100 रुपये में शुरू किया कारोबार, आज हजारों कमा दूसरों के लिए प्रेरणा बनीं बनीता

Thu, 07 Aug 2025 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 07 Aug 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
Started business by making bags at home with Rs 100, today earning thousands, Banita became an inspiration for others.
पट्टा बाजार स्थित दुकान में बैग सिलने का कार्य करती बनीता ठाकुर। संवाद
बवीता चंदेल
विज्ञापन

हमीरपुर। आर्थिक तंगी में मजबूत इरादे से घर की जिम्मेदारी को संभालते हुए धिरवीं गांव की बनीता ठाकुर ने समाज में महिलाओं के लिए अलग पहचान बनाई है। किसी समय 100 रुपये में एक बैग बेचकर आज वह प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं।
घर पर आर्थिक तंगी के कारण व्यवसाय शुरू करने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मजबूत हौसले के साथ उन्होंने अपने काम को जारी रखा। काम की बदौलत आज उन्होंने पट्टा बाजार में अपनी निजी दुकान खोल ली है। दुकान में वह स्कूल बैग, लेडिज पर्स के साथ डिलीवरी बैग व अन्य ट्रैवल बैग तैयार कर पांच से छह दुकानों को सप्लाई करके आय अर्जित कर रही हैं।
विज्ञापन

दुकान में उन्होंने अन्य एक महिला को भी रोजगार दिया हुआ है। आगामी समय में कार्य के अनुसार दुकान में अन्य महिलाओं को रोजगार देने के लिए वह कार्य कर रही हैं। बनीता ठाकुर के दो बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं, जबकि पति निजी कंपनी में कार्यरत हैं। परिवार में बुजुर्ग सास-सुसर की देखभाल के लिए आय का अन्य स्रोत न होने से उन्होंने कार्य करने का निर्णय लिया और घर पर ही बैग बनाने का कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शुरू में दुकानों में जाकर बैग बेचने पढ़ते थे, कुछेक समय तक दुकानदार बैगों को नहीं खरीदते थे। लेकिन बैगों के विभिन्न प्रकार घर के नजदीक मिलने पर दुकानदारों ने ऑर्डर देना शुरू किए। एक साथ 50 से 60 ऑर्डर होने के बाद उन्होंने घर की बजाय दुकान को किराये पर लेकर कार्य शुरू किया। संवाद

10 से 15 महिलाओं को दे चुकी हैं प्रशिक्षण
अब वह दुकान पर प्रतिमाह बैग तैयार कर हजारों रुपये कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 10 से 15 महिलाओं को बैग बनाने का प्रशिक्षण दे चुकी हैं। बैग बनाने का प्रशिक्षण वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया था, जो कि अब उनके लिए आजीविका का मुख्य साधन बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed