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Hamirpur (Himachal) News: एचओडी पद के लिए विभाग से भिड़ने वाली प्रोफेसर को दिखाया बाहर का रास्ता
Tue, 04 Mar 2025 07:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 04 Mar 2025 07:42 PM IST
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का मामला, सर्जरी विभाग में तैनात प्रोफेसर को अवकाश के दौरान कर दिया रिलीव
कोर्ट के आदेशों के बाद प्रोफेसर को बनाया सर्जरी विभाग का एचओडी, बाद में अनुबंध ही कर दिया खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के सर्जरी विभाग में एचओडी के पद के लिए विभाग से भिड़ने वाली प्रोफेसर को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की गाइडलाइन को ताक पर रखकर एचओडी की तैनाती किए जाने के खिलाफ प्रोफेसर ने काॅलेज प्रबंधन और विभाग को अदालत के कटघरे में खड़ा किया था।
अब इस पद पर कार्यरत प्रोफेसर का अनुबंध अवकाश के दौरान खत्म किए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट के आदेशों के बाद एनएमसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए नौ जुलाई को प्रोफेसर लक्ष्मी अग्निहोत्री को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर प्रबंधन की ओर से एचओडी नियुक्त किया गया, लेकिन इस तैनाती में करीब दो माह का वक्त लगा दिया गया। 24 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 10 जुलाई तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एनएमसी की गाइडलाइन को फॉलो करने का समय दिया था, जबकि कॉलेज प्रबंधन की ओर से 10 जुलाई को एक दिन पहले यह तैनाती प्रोफेसर अग्निहोत्री को दी गई।
खास बात यह है कि नियुक्ति के लिए विभाग को कटघरे में खड़ा करने वाली इस प्रोफेसर को सर्दियों के अवकाश के बीच में कॉलेज से रिलीव कर दिया। 29 दिसंबर तक प्रोफेसर अवकाश पर थी, लेकिन विभाग ने उन्हें 31 दिसंबर को रिलीव कर दिया जबकि उन्होंने अवकाश के बाद डयूटी ज्वाइन नहीं की थी। कोर्ट ने विभाग के एचओडी की तैनाती के लिए एनएमसी की गाइडलाइन को फॉलो करने के निर्देश पहले ही जारी किए हैं ।
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बावजूद इसके अब दोबारा मेडिकल कॉलेज का सर्जरी विभाग का जिम्मा एसोसिएट प्रोफेसर को सौंप दिया गया है। जबकि जुलाई से लेकर दिसंबर माह तक प्रोफेसर अग्निहोत्री ने विभाग के एचओडी पद पर जिम्मा संभाला, लेकिन अनुबंध को खत्म करने के बहाने उन्हें सीधा संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा गया।
हालांकि उन्होंने अवकाश के दौरान उन्हें रिलीव करने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई होना बाकी है। कॉलेज में ऐसा ही मामला पैथालॉजी विभाग में सामने आया है। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग सचिव सुधा देवी से इस बारे पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
कोट
प्रोफेसर के अनुबंध के नवीनीकरण और खत्म करने का फैसला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिया जाता है। अन्य एसोसिएट प्रोफेसर को एचओडी का चार्ज सौंपा गया है। डाॅक्टर का अनुबंध एक वर्ष का था। अनुबंध का नवीनीकरण विभाग का अधिकार क्षेत्र है।-डॉ रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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कोर्ट के आदेशों के बाद प्रोफेसर को बनाया सर्जरी विभाग का एचओडी, बाद में अनुबंध ही कर दिया खत्म
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के सर्जरी विभाग में एचओडी के पद के लिए विभाग से भिड़ने वाली प्रोफेसर को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की गाइडलाइन को ताक पर रखकर एचओडी की तैनाती किए जाने के खिलाफ प्रोफेसर ने काॅलेज प्रबंधन और विभाग को अदालत के कटघरे में खड़ा किया था।
अब इस पद पर कार्यरत प्रोफेसर का अनुबंध अवकाश के दौरान खत्म किए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। कोर्ट के आदेशों के बाद एनएमसी की गाइडलाइन का पालन करते हुए नौ जुलाई को प्रोफेसर लक्ष्मी अग्निहोत्री को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर प्रबंधन की ओर से एचओडी नियुक्त किया गया, लेकिन इस तैनाती में करीब दो माह का वक्त लगा दिया गया। 24 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 10 जुलाई तक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एनएमसी की गाइडलाइन को फॉलो करने का समय दिया था, जबकि कॉलेज प्रबंधन की ओर से 10 जुलाई को एक दिन पहले यह तैनाती प्रोफेसर अग्निहोत्री को दी गई।
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खास बात यह है कि नियुक्ति के लिए विभाग को कटघरे में खड़ा करने वाली इस प्रोफेसर को सर्दियों के अवकाश के बीच में कॉलेज से रिलीव कर दिया। 29 दिसंबर तक प्रोफेसर अवकाश पर थी, लेकिन विभाग ने उन्हें 31 दिसंबर को रिलीव कर दिया जबकि उन्होंने अवकाश के बाद डयूटी ज्वाइन नहीं की थी। कोर्ट ने विभाग के एचओडी की तैनाती के लिए एनएमसी की गाइडलाइन को फॉलो करने के निर्देश पहले ही जारी किए हैं ।
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बावजूद इसके अब दोबारा मेडिकल कॉलेज का सर्जरी विभाग का जिम्मा एसोसिएट प्रोफेसर को सौंप दिया गया है। जबकि जुलाई से लेकर दिसंबर माह तक प्रोफेसर अग्निहोत्री ने विभाग के एचओडी पद पर जिम्मा संभाला, लेकिन अनुबंध को खत्म करने के बहाने उन्हें सीधा संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा गया।
हालांकि उन्होंने अवकाश के दौरान उन्हें रिलीव करने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई होना बाकी है। कॉलेज में ऐसा ही मामला पैथालॉजी विभाग में सामने आया है। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग सचिव सुधा देवी से इस बारे पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
कोट
प्रोफेसर के अनुबंध के नवीनीकरण और खत्म करने का फैसला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिया जाता है। अन्य एसोसिएट प्रोफेसर को एचओडी का चार्ज सौंपा गया है। डाॅक्टर का अनुबंध एक वर्ष का था। अनुबंध का नवीनीकरण विभाग का अधिकार क्षेत्र है।-डॉ रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर