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रूसा से बढ़ा अध्यापकों पर कार्य का बोझ
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Thu, 18 Feb 2016 04:30 PM IST
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेमोरियल डिग्री कॉलेज हमीरपुर में वीरवार को एचजीसीटीए की स्थानीय इकाई की बैठक हुई। इसमें प्रांतीय पदाधिकारियों ने छात्रहित में लिए गए निर्णय का स्वागत किया।
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बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गौतम ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय ने बगैर किसी तैयारी के कॉलेजों में सीबीसीएस, रूसा लागू किया है। इससे अध्यापकों पर कार्य का बोझ काफी अधिक बढ़ गया है। इन दिनों प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर के मूल्यांकन के साथ दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर का अध्यापन कार्य चल रहा है।
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उन्होंने कहा कि दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 अप्रैल, 2016 से शुरू होने की संभावना है। प्राध्यापकों के पास पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए समय का अभाव है। इसके बावजूद उच्चतर शिक्षा विभाग चाहता है कि कॉलेज के प्राध्यापक टीम बनाकर स्कूलों में जाएं और 12वीं कक्षा के बच्चों को रूसा और सीबीसीएस के बारे में बताए।
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डॉ. गौतम ने कहा कि उच्चतर शिक्षा विभाग का यह निर्णय 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के हित में हो सकता है, लेकिन कॉलेजों में रूसा, सीबीसीएस के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हित में नहीं है। एचजीसीटीए के प्रांतीय पदाधिकारियों ने छात्रहित में स्कूलों में न जाने और कॉलेज विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय का हमीरपुर कॉलेज के प्राध्यापकों ने समर्थन किया। बैठक में प्रो. रवि दत्त, विजय कौंडल, विक्रम ठाकुर, प्रकाश ठाकुर, बलजीत जंबाल, नीलम गुलेरिया, नीतिका सहित समस्त प्राध्यापक मौजूद रहे।