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20 से 25 हजार रुपये कमाने वाले बीपीएल सूची में कर दिए शामिल
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भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत मुंडखर के बीडीसी सदस्य अजय कुमार ने पंचायत पर अपनी मर्जी से आईआरडीपी सूची से नाम काटने और डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम और बीडीओ भोरंज से की है। जिसमें कहा है कि ग्राम सभा में आईआरडीपी के मुद्दे को लेकर जनता ने यह निर्णय लिया था कि सभी व्यक्ति जो 15 वर्षों से लगातार आईआरडीपी में हैं और जिनके गृह निर्माण के लिए अनुदान मिल चुका है, उनको इस सुविधा से हटाया जाए। उस दिन न तो किसी के नाम पर कोई चर्चा हुई और न ही किसी के नाम को काटा या जोड़ा गया। वहीं न ही कोई कार्यवाही लिखी गई। इसके 5 दिन बाद पंचायत में कार्यवाही लिखी गई और उसमें किसको काटा गया, किसको जोड़ा गया, यह सब किसके कहने से हुआ, जांच का विषय है।
इससे उपप्रधान सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी अनभिज्ञ हैं। जिनकी आए 20 से 25 हजार रुपये तक बनती है, वह भी इस सूची में शामिल हैं। सूची में शामिल परिवारों की आय का विवरण भी पेश किया जाए। इस सूची को निरस्त कर सही तरीके से विकास खंड में पर्यवेक्षक भेजकर उनके सामने चयन किया जाए। इस बारे में बीडीओ भोरंज मनोज कुमार का कहना है कि शिकायत आई है। इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पंचायत उपप्रधान चमेल सिंह ने बताया कि ग्रामसभा में आईआरडीपी पर चर्चा ही हुई थी और कोई भी लिखित कार्यवाही नहीं हुई थी। बाद में अपनी मर्जी से ही अपात्र लोगों को आईआरडीपी सूची में शामिल कर लिया गया, जिसकी जांच होनी चाहिए।
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इससे उपप्रधान सहित कई पंचायत प्रतिनिधि भी अनभिज्ञ हैं। जिनकी आए 20 से 25 हजार रुपये तक बनती है, वह भी इस सूची में शामिल हैं। सूची में शामिल परिवारों की आय का विवरण भी पेश किया जाए। इस सूची को निरस्त कर सही तरीके से विकास खंड में पर्यवेक्षक भेजकर उनके सामने चयन किया जाए। इस बारे में बीडीओ भोरंज मनोज कुमार का कहना है कि शिकायत आई है। इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पंचायत उपप्रधान चमेल सिंह ने बताया कि ग्रामसभा में आईआरडीपी पर चर्चा ही हुई थी और कोई भी लिखित कार्यवाही नहीं हुई थी। बाद में अपनी मर्जी से ही अपात्र लोगों को आईआरडीपी सूची में शामिल कर लिया गया, जिसकी जांच होनी चाहिए।
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