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Hamirpur (Himachal) News: नई पंचायत में शामिल करने का विरोध, डीसी दफ्तर पहुंचे लोग
Tue, 24 Dec 2024 07:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 24 Dec 2024 07:30 AM IST
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गांवों को नई पंचायत में शामिल करने के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने जाते बाहल और जंदरोह क
हमीरपुर। उपमंडल नादौन के बाहल और जंदरोह गांव के ग्रामीणों ने नई पंचायत कड़साई में शामिल किए जाने पर विरोध जताया है। सोमवार को दोनों गांवों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त हमीरपुर से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि दोनों गांवों को ग्राम पंचायत सरेड़ी में ही रखा जाए, क्योंकि यह पंचायत उनके गांव से महज आधा किलोमीटर दूर है, जबकि नई पंचायत कड़साई सात किलोमीटर दूर है।
ग्रामीणों का कहना है कि नई पंचायत में जाने से उन्हें पंचायत से संबंधी कार्यों में काफी परेशानी होगी, क्योंकि वहां तक पहुंचने के लिए जंगल से होकर जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरेड़ी पंचायत में उन्हें सभी सुविधाएं मिल रही हैं। अगर नई पंचायत में शामिल किया गया तो उन्हें गाड़ी से पंचायत घर तक पहुंचने में 1500 रुपये का खर्चा पहले करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सरेड़ी पंचायत का कोरम पूरा नहीं हो जाता, तब तक उन्हें नई पंचायत कड़साई में शामिल न किया जाए।
सरेड़ी ने प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि पंचायत के दो गांवों से प्रतिनिधिमंडल ने नई पंचायत में शामिल करने पर विरोध जताया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद ग्रामीणों की सहमति से ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि नई पंचायत में जाने से उन्हें पंचायत से संबंधी कार्यों में काफी परेशानी होगी, क्योंकि वहां तक पहुंचने के लिए जंगल से होकर जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरेड़ी पंचायत में उन्हें सभी सुविधाएं मिल रही हैं। अगर नई पंचायत में शामिल किया गया तो उन्हें गाड़ी से पंचायत घर तक पहुंचने में 1500 रुपये का खर्चा पहले करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सरेड़ी पंचायत का कोरम पूरा नहीं हो जाता, तब तक उन्हें नई पंचायत कड़साई में शामिल न किया जाए।
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सरेड़ी ने प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि पंचायत के दो गांवों से प्रतिनिधिमंडल ने नई पंचायत में शामिल करने पर विरोध जताया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद ग्रामीणों की सहमति से ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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