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Hamirpur (Himachal) News: हिम वाटिका प्लानर से होगी प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई
Tue, 23 Dec 2025 05:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 23 Dec 2025 05:44 AM IST
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वर्षभर की गतिविधियों का ऑनलाइन एकत्रित होगा डाटा
विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास के लिए शुरू हुआ अभियान
जिलेभर में 400 स्कूलों में संचालित हैं प्री-प्राइमरी की कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई अब हिम वाटिका प्लानर के माध्यम से की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत वर्षभर की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों का डाटा ऑनलाइन एकत्रित किया जाएगा, जिससे स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से होगी।
समग्र शिक्षा के तहत प्री प्राइमरी कक्षाओं में विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास (शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक विकास) को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। प्लानर में बच्चों की आयु और स्तर के अनुसार गतिविधियों की योजना बनाई गई है, ताकि उनके सर्वांगीण विकास में प्रयोग किया जा सके।
वाटिका प्लानर में स्कूल की प्रतिदिन, साप्ताहिक और वार्षिक गतिविधियों को अंकित किया गया है। विभाग की ओर से शिक्षकों को कक्षा में शैक्षणिक गतिविधियां, खेल, रचनात्मक कार्य, कहानी, कविता और अन्य विकासात्मक अभ्यास को प्लानर के अनुरूप करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर का आंकलन पूर्ण रूप से किया जा सके।
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प्लानर से न केवल स्कूल स्तर पर शिक्षण प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी, बल्कि बच्चों की प्रगति का रिकॉर्ड भी सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा। वर्तमान में जिलेभर में 400 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कंप्यूटरों के साथ खेल-खेल में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। हिम वाटिका प्लानर लागू होने से इन सभी स्कूलों में एक समान शैक्षणिक ढांचा विकसित होगा और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
कोट
स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई हिम वाटिका प्लानर के माध्यम से करवाई जाएगी। प्लानर के प्रयोग को लेकर स्कूल प्रमुखों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। -नवीन कुमार, डीपीओ व उपनिदेशक गुणवत्ता एवं नियंत्रक
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वर्षभर की गतिविधियों का ऑनलाइन एकत्रित होगा डाटा
विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास के लिए शुरू हुआ अभियान
जिलेभर में 400 स्कूलों में संचालित हैं प्री-प्राइमरी की कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई अब हिम वाटिका प्लानर के माध्यम से की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत वर्षभर की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों का डाटा ऑनलाइन एकत्रित किया जाएगा, जिससे स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से होगी।
समग्र शिक्षा के तहत प्री प्राइमरी कक्षाओं में विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास (शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक विकास) को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। प्लानर में बच्चों की आयु और स्तर के अनुसार गतिविधियों की योजना बनाई गई है, ताकि उनके सर्वांगीण विकास में प्रयोग किया जा सके।
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वाटिका प्लानर में स्कूल की प्रतिदिन, साप्ताहिक और वार्षिक गतिविधियों को अंकित किया गया है। विभाग की ओर से शिक्षकों को कक्षा में शैक्षणिक गतिविधियां, खेल, रचनात्मक कार्य, कहानी, कविता और अन्य विकासात्मक अभ्यास को प्लानर के अनुरूप करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर का आंकलन पूर्ण रूप से किया जा सके।
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प्लानर से न केवल स्कूल स्तर पर शिक्षण प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी, बल्कि बच्चों की प्रगति का रिकॉर्ड भी सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा। वर्तमान में जिलेभर में 400 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हैं। विद्यार्थियों को ऑनलाइन कंप्यूटरों के साथ खेल-खेल में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। हिम वाटिका प्लानर लागू होने से इन सभी स्कूलों में एक समान शैक्षणिक ढांचा विकसित होगा और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
कोट
स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई हिम वाटिका प्लानर के माध्यम से करवाई जाएगी। प्लानर के प्रयोग को लेकर स्कूल प्रमुखों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। -नवीन कुमार, डीपीओ व उपनिदेशक गुणवत्ता एवं नियंत्रक