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82 कूड़ेदानों से गंदगी ढोने को महज दो वाहन
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 09 Feb 2016 07:06 PM IST
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शहर की गंदगी उठाने को पर्याप्त वाहन नहीं है। सफाई कर्मचारियों की भी नगर परिषद में अरसे से कमी है। इसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था ठप है। वार्डों में सफाई कर्मचारी एक हफ्ते बाद पहुंचता है जबकि कूड़ेदान करीब डेढ़ सप्ताह बाद उठाए जाते हैं। हमीरपुर शहर के कुल 11 वार्डों में लगे 82 कूड़ेदानों में से 54 बड़े और 27 छोटे हैं।
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शहर की सड़कों के किनारे बड़े कूड़ेदान लगाए गए हैं। सभी कूड़ेदानों से गंदगी उठाने का जिम्मा महज दो वाहनों के हवाले हैं। इनमें एक डंपर और दूसरा टेंपो है। एक दिन में डंपर से करीब आठ कूड़ेदान उठाए जा सकते हैं। डंपर में खराबी के दौरान कचरा वार्डों में ही पड़ा रहता है।
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पर्याप्त वाहनों के अभाव में वार्डों में रखे कूड़ेदानों से समय पर गंदगी नहीं उठाई जा सकती। कूड़ा उठाने वाला थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर अरसे से खराब है। ये दोनों वाहन कचरा उठाने योग्य नहीं हैं। वहीं, नप में सफाई कर्मचारियों की भी काफी शॉर्टेज है। करीब डेढ़ दर्जन सफाई कर्मचारी है जबकि करीब दो दर्जन अस्थायी सफाई कर्मचारी हैं।
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ऐसे में, वार्डों में सही तरीके से सफाई नहीं हो पा रही है। सफाई व्यवस्था सही न होने पर शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है।
नप उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि कूड़ेदान उठाने को महज एक डंपर है। दूसरा टेेंपो है जिससे कूड़ेदान नहीं उठाए जा सकते हैं। छोटे कूड़ेदानों का कचरा टेंपो से उठाया जाता है। समस्या के बारे में प्रशासन को बताया गया है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।