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प्रवासी मजदूर घरों को लौटे, विकास कार्य ठप
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हमीरपुर। कोरोना कर्फ्यू के चलते प्रवासी मजदूर अपने राज्यों को लौट गए हैं। मजदूरों के लौटने से हमीरपुर जिले में विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं। ठेकेदारों को निर्माण कार्य के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते टेंडर शर्तों के मुताबिक निर्धारित अवधि के भीतर निर्माण कार्य पूरे करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, जिन ठेकेदारों के प्रोजेक्ट अंतिम चरण में पहुंच चुके थे, उन्हें अब मजदूर न मिलने के कारण खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रोजेक्ट का कार्य 80 से 90 फीसदी पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग से भुगतान की समस्या खड़ी हो गई है। जिला हमीरपुर में वर्तमान में कई प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इसमें मुख्य तौर पर नादौन मिनी सचिवालय, केंद्रीय विद्यालय भवन, पशु औषधालय भवन, हमीरपुर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भवन, रावमापा कन्या में साइंस भवन, सुजानपुर में मिनी सचिवालय, लोनिवि के आवासीय भवन, सुजानपुर का भलेठ पुल समेत अन्य पुलों और सड़कों का कार्य शामिल है। इसके अलावा जिलाभर में निजी भवनों, होटलों व कॉमर्शियल भवनों के निर्माण कार्य के लिए मजदूरों की कमी से जूझना पड़ रहा है।
इधर, सरकारी ठेकेदार अनिल ठाकुर, आशीष शर्मा, नरेश सूद, अंकुश शर्मा और वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने राज्यों को लौट गए हैं, जिससे निर्माण कार्यों के लिए लेबर नहीं मिल रही है। निर्माण सामग्री की भी कमी है, जो बाजार में नहीं मिल रही।
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उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता हमीरपुर विवेक शर्मा ने माना कि प्रवासी मजदूरों के अपने राज्य में लौटने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। फिर भी स्थानीय लेबर के माध्यम से विकास कार्य पूरे करने की कोशिश की जा रही है।
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प्रोजेक्ट का कार्य 80 से 90 फीसदी पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग से भुगतान की समस्या खड़ी हो गई है। जिला हमीरपुर में वर्तमान में कई प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। इसमें मुख्य तौर पर नादौन मिनी सचिवालय, केंद्रीय विद्यालय भवन, पशु औषधालय भवन, हमीरपुर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भवन, रावमापा कन्या में साइंस भवन, सुजानपुर में मिनी सचिवालय, लोनिवि के आवासीय भवन, सुजानपुर का भलेठ पुल समेत अन्य पुलों और सड़कों का कार्य शामिल है। इसके अलावा जिलाभर में निजी भवनों, होटलों व कॉमर्शियल भवनों के निर्माण कार्य के लिए मजदूरों की कमी से जूझना पड़ रहा है।
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इधर, सरकारी ठेकेदार अनिल ठाकुर, आशीष शर्मा, नरेश सूद, अंकुश शर्मा और वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने राज्यों को लौट गए हैं, जिससे निर्माण कार्यों के लिए लेबर नहीं मिल रही है। निर्माण सामग्री की भी कमी है, जो बाजार में नहीं मिल रही।
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उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता हमीरपुर विवेक शर्मा ने माना कि प्रवासी मजदूरों के अपने राज्य में लौटने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। फिर भी स्थानीय लेबर के माध्यम से विकास कार्य पूरे करने की कोशिश की जा रही है।