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आज भी हड़ताल पर रहेंगे मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक
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पेनडाउन हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सक।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सक 18 फरवरी को भी दो घंटों की पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि चिकित्सकों ने पूर्व में 17 तक हड़ताल का नोटिस दिया था लेकिन सरकार ने अब 18 फरवरी को चिकित्सकों को वार्ता के लिए बुलाया है। इसके मद्देनजर अस्पताल में एक दिन की हड़ताल और बढ़ गई है।
वार्ता के दौरान भी चिकित्सक दो घंटों की पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे। अगर इस दौरान सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान ली तो चिकित्सक काम पर सुचारू रूप से लौटेंगे, अन्यथा पूर्ण हड़ताल हो सकती है। फिलहाल अब शुक्रवार को होने वाल वार्ता पर ही सब निर्भर है।
वीरवार को भी अस्पताल में सुबह दो घंटे चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। एक मरीज के पैर में चोट लगने के बाद वह ओपीडी में पहुंचा था, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं मिले। एक सप्ताह से चल रही हड़ताल के कारण मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना करीब एक हजार मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूरदराज से पहुंचे मरीजों को उपचार में देरी हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि दो घंटों की हड़ताल के बाद चिकित्सक ओपीडी या लैब में आखिरी मरीज तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चाहे उन्हें शाम को पांच या छह ही बज रहे हों, लेकिन सभी मरीजों को उपचार देकर घर जा रहे हैं।
चिकित्सकों ने कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार से आस है कि चिकित्सकों की वेतन विसंगतियां दूर कर उनकी मांगें पूरी की जाएं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के फैकेल्टी चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सदस्य ज्वाइंट एक्शन कमेटी डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता में अगर सकारात्मक परिणाम आता है तो हड़ताल खत्म कर दी जाएगी।
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वार्ता के दौरान भी चिकित्सक दो घंटों की पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे। अगर इस दौरान सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान ली तो चिकित्सक काम पर सुचारू रूप से लौटेंगे, अन्यथा पूर्ण हड़ताल हो सकती है। फिलहाल अब शुक्रवार को होने वाल वार्ता पर ही सब निर्भर है।
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वीरवार को भी अस्पताल में सुबह दो घंटे चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। एक मरीज के पैर में चोट लगने के बाद वह ओपीडी में पहुंचा था, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं मिले। एक सप्ताह से चल रही हड़ताल के कारण मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना करीब एक हजार मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूरदराज से पहुंचे मरीजों को उपचार में देरी हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि दो घंटों की हड़ताल के बाद चिकित्सक ओपीडी या लैब में आखिरी मरीज तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चाहे उन्हें शाम को पांच या छह ही बज रहे हों, लेकिन सभी मरीजों को उपचार देकर घर जा रहे हैं।
चिकित्सकों ने कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार से आस है कि चिकित्सकों की वेतन विसंगतियां दूर कर उनकी मांगें पूरी की जाएं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के फैकेल्टी चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सदस्य ज्वाइंट एक्शन कमेटी डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता में अगर सकारात्मक परिणाम आता है तो हड़ताल खत्म कर दी जाएगी।