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दो दिनों में एचआरटीसी को तीन लाख की चपत
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हमीरपुर। पांच दिन के कार्यदिवस से हिमाचल पथ परिवहन निगम को भारी नुकसान हुआ है। इन दो दिनों में अकेले हमीरपुर एचआरटीसी डिपो को ही तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रत्येक सप्ताह तीन लाख के नुकसान की भरपाई करवा पाना एचआरटीसी प्रबंधन के लिए मुश्किल हो रहा है। चूंकि प्रदेश सरकार ने अब सभी बसों में पचास फीसदी सवारियां बैठाने के आदेश जारी किए हैं।
वहीं, कोरोनाकाल में सख्त ड्यूटी के बावजूद एचआरटीसी के कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा। अप्रैल माह की 26 तारीख बीत चुकी है। अभी तक चालक और परिचालकों को मार्च माह का वेतन जारी नहीं हुआ। जिसके चलते निगम के कर्मचारियों को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च और घर का चूल्हा चलाना मुश्किल हो गया है।
सर्व कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजू राम और महासचिव सुरेंद्र पटियाल ने कहा कि कई कर्मचारी अनुबंध पर महज पांच से छह हजार रुपये मासिक वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से शीघ्र वेतन का भुगतान करने की मांग उठाई है।
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उधर, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि दो दिन बसें न चलने से निगम को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन के बारे में उच्चाधिकारी ही कोई जवाब दे सकते हैं।
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वहीं, कोरोनाकाल में सख्त ड्यूटी के बावजूद एचआरटीसी के कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहा। अप्रैल माह की 26 तारीख बीत चुकी है। अभी तक चालक और परिचालकों को मार्च माह का वेतन जारी नहीं हुआ। जिसके चलते निगम के कर्मचारियों को अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च और घर का चूल्हा चलाना मुश्किल हो गया है।
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सर्व कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजू राम और महासचिव सुरेंद्र पटियाल ने कहा कि कई कर्मचारी अनुबंध पर महज पांच से छह हजार रुपये मासिक वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से शीघ्र वेतन का भुगतान करने की मांग उठाई है।
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उधर, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने कहा कि दो दिन बसें न चलने से निगम को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन के बारे में उच्चाधिकारी ही कोई जवाब दे सकते हैं।