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Hamirpur (Himachal) News: पीएचसी में भी हो सकेगा हिमोफीलिया के इलाज
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हमीरपुर। स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर की ओर से मंगलवार को हिमोफीलिया वर्ल्ड सोसायटी की ओर से विश्व हिमोफीलिया दिवस पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि हिमोफिलिया के जिला हमीरपुर में 18 मरीज हैं। जबकि पूरे प्रदेश में 264 मरीज हैं। हीमोफीलिया एक आनुवांशिक बीमारी है यानी यह बीमारी माता-पिता से बच्चे में भी हो सकती है। आमतौर पर यह बीमारी पुरुषों में अधिक पाई जाती है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों में रक्त का थक्का नहीं बनता है। इन मरीजों के रक्त में प्रोटीन की कमी होती है जिसे क्लोटिंग फेक्टर भी कहते हैं।
यह प्रोटीन फेक्टर रक्त में थक्का जमाकर उसका बहना रोक देता है। रक्तस्राव अधिक हो तो जानलेवा हो सकता है। हीमोफीलिया रोग दो प्रकार का होता है। हीमोफीलिया ए और हीमोफीलिया बी। हीमोफीलिया ए में फेक्टर 8 की कमी होती है। हीमोफीलिया बी में फेक्टर 9 की कमी होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हिमोफीलिया के अधिकतर मरीज वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आते हैं लेकिन अगले माह तक सभी पीएचसी में तैनात चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक करके ऐसे मरीजों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। उनके इलाज से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन मरीजों को घरद्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरीश, मेडिकल कॉलेज से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय ठाकुर, डॉ. संजय व अन्य उपस्थित रहे।
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यह प्रोटीन फेक्टर रक्त में थक्का जमाकर उसका बहना रोक देता है। रक्तस्राव अधिक हो तो जानलेवा हो सकता है। हीमोफीलिया रोग दो प्रकार का होता है। हीमोफीलिया ए और हीमोफीलिया बी। हीमोफीलिया ए में फेक्टर 8 की कमी होती है। हीमोफीलिया बी में फेक्टर 9 की कमी होती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हिमोफीलिया के अधिकतर मरीज वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आते हैं लेकिन अगले माह तक सभी पीएचसी में तैनात चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक करके ऐसे मरीजों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। उनके इलाज से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन मरीजों को घरद्वार पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरीश, मेडिकल कॉलेज से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय ठाकुर, डॉ. संजय व अन्य उपस्थित रहे।
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