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12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
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अवाहदेवी (हमीरपुर)। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिन यानी 11 और 12 अगस्त को है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार कब मनाया जाएगा इस बात को लेकर लोगों में संशय है।
जौह गांव के पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा 11 अगस्त वीरवार को सुबह 10:38 बजे से शुरू होगी और 12 अगस्त शुक्रवार को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी। 11 अगस्त को सुबह से लेकर रात आठ बजकर 53 मिनट तक भद्रा काल का साया होने के कारण कुछ लोग 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की बात कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि 11 अगस्त को चंद्रमा मकर राशिस्थ एवं भद्रा पाताललोक में होने से भी भद्रा परिहार होगा। इसलिए 11 अगस्त को भद्रा के बाद प्रदोषकाल में रात 8:53 से 9:50 बजे भी रक्षा बंधन मनाया जा सकता है। रात को रक्षाबंधन मनाने का प्रचलन नहीं है।
पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान में प्राचीनकाल से ही उदय व्यापिनी पूर्णिमा के दिन प्रात: काल को ही रक्षाबंधन पर्व मनाने प्रचलन है। इसलिए 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले राखी बांधें।
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जौह गांव के पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा 11 अगस्त वीरवार को सुबह 10:38 बजे से शुरू होगी और 12 अगस्त शुक्रवार को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी। 11 अगस्त को सुबह से लेकर रात आठ बजकर 53 मिनट तक भद्रा काल का साया होने के कारण कुछ लोग 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की बात कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि 11 अगस्त को चंद्रमा मकर राशिस्थ एवं भद्रा पाताललोक में होने से भी भद्रा परिहार होगा। इसलिए 11 अगस्त को भद्रा के बाद प्रदोषकाल में रात 8:53 से 9:50 बजे भी रक्षा बंधन मनाया जा सकता है। रात को रक्षाबंधन मनाने का प्रचलन नहीं है।
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पंडित संजीव शर्मा ने बताया कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान में प्राचीनकाल से ही उदय व्यापिनी पूर्णिमा के दिन प्रात: काल को ही रक्षाबंधन पर्व मनाने प्रचलन है। इसलिए 12 अगस्त को सुबह 7:06 बजे से पहले राखी बांधें।
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