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केंद्र का अधिकारी बता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मांगी बैंक डिटेल
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हमीरपुर। प्रदेश में शातिरों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका ईजाद किया है। खुद को केंद्र सरकार की ओर से नोडल अधिकारी बताकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से क्षेत्र के लाभार्थियों की बैंक और अन्य डिटेल मांग रहे हैं। करीब एक सप्ताह से जिले की कई आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं को ऐसे फोन आ रहे हैं। फोन पर उन्हें यह कहा जा रहा है कि आपके क्षेत्र में जिन महिलाओं, बेटियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत खाते में राशि मिली है, उनकी बैंक डिटेल उपलब्ध करवाएं ताकि, वह जांच कर सकें कि सही में ही राशि पहुंची है या नहीं। शक होने पर कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में संपर्क किया तो अधिकारियों ने इसकी छानबीन की। इस दौरान यह फोन कॉल फर्जी पाए गए। विभाग की तरफ से आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगी गई है।
सीडीपीओ हमीरपुर बलवीर बिरला ने कहा कि शिकायत के बाद उन्होंने खुद शातिरों के नंबर पर फोन कर पूछा तो वे गाली गलौज पर उतर आए। जब उनका ओहदा, विभागीय जानकारी और पहचान पत्र संबंधी कागजात पूछे गए तो वह बदतमीजी पर उतारू हो गए। जांच में पाया गया कि ये फर्जी हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि किसी भी लाभार्थी की बैंक या अन्य जानकारी ऐसे फोन कॉल पर न दें। लाभार्थियों के खाते से ये शातिर ठगी कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी आंगनबाड़ी वर्कर ने किसी लाभार्थी की जानकारी साझा नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पुलिस में भी शिकायत दी जाएगी। उधर, थाना प्रभारी सदर संजीव गौतम का कहना है कि उन्हें अभी इस बारे में शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आती है तो छानबीन की जाएगी।
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सीडीपीओ हमीरपुर बलवीर बिरला ने कहा कि शिकायत के बाद उन्होंने खुद शातिरों के नंबर पर फोन कर पूछा तो वे गाली गलौज पर उतर आए। जब उनका ओहदा, विभागीय जानकारी और पहचान पत्र संबंधी कागजात पूछे गए तो वह बदतमीजी पर उतारू हो गए। जांच में पाया गया कि ये फर्जी हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि किसी भी लाभार्थी की बैंक या अन्य जानकारी ऐसे फोन कॉल पर न दें। लाभार्थियों के खाते से ये शातिर ठगी कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी आंगनबाड़ी वर्कर ने किसी लाभार्थी की जानकारी साझा नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पुलिस में भी शिकायत दी जाएगी। उधर, थाना प्रभारी सदर संजीव गौतम का कहना है कि उन्हें अभी इस बारे में शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आती है तो छानबीन की जाएगी।
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