{"_id":"6207c2526815b565de1af530","slug":"doctors-performance-even-on-the-third-day-patients-are-getting-helpless-hamirpur-hp-news-sml399377983","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी चिकित्सकों का प्रदर्शन, मरीज हो रहे बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी चिकित्सकों का प्रदर्शन, मरीज हो रहे बेहाल
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में पेनडाउन हड़ताल के चलते चिकित्सकों का इंतजार करते मरीज।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में चिकित्सकों की दो घंटे की पेनडाउन हड़ताल के कारण मरीजों को उपचार के लिए सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक इंतजार करना पड़ा। तीन दिन से चल रही इस हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज ओपीडी के बाहर दो से तीन घंटों तक इंतजार करने को मजबूर हैं। पर्ची काउंटर सुबह साढ़े आठ बजे खुलता है, जबकि इसके बाद साढ़े ग्यारह बजे तक मरीजों को डॉक्टर के इंतजार में बैठना पड़ रहा है। इससे ओपीडी के बाहर जहां भीड़ रहने से कोविड नियमों की उल्लंघना हो रही है, वहीं संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
शनिवार को हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा अस्पताल में औसतन कम भीड़ रही, लेकिन पांच सौ से अधिक मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने कहा कि सरकार और प्रशासन ने चिकित्सकों को कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन यह भत्ता तो दूर उलटा वेतन तक काटा जा रहा है। जबकि, चिकित्सकों ने कोविड काल के दौरान खुद संक्रमित होकर भी अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। ऐसे में चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि मांगें मानकर राहत प्रदान की जाए।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फैकल्टी चिकित्सक एसोसिएशन के प्रधान डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि दो घंटों की यह पेनडाउन हड़ताल 17 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान आपातकालीन और कोविड सेवाएं जारी रहेंगी। वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ने कहा कि हड़ताल में सभी वर्गों के चिकित्सक जुड़े हैं। सरकार वेतन विसंगतियों को दूर कर चिकित्सकों को राहत दे। उन्हें मुख्यमंत्री से आशा है कि जल्द ही चिकित्सकों की मांगों को मानेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को हालांकि अन्य दिनों की अपेक्षा अस्पताल में औसतन कम भीड़ रही, लेकिन पांच सौ से अधिक मरीज अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों ने कहा कि सरकार और प्रशासन ने चिकित्सकों को कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन यह भत्ता तो दूर उलटा वेतन तक काटा जा रहा है। जबकि, चिकित्सकों ने कोविड काल के दौरान खुद संक्रमित होकर भी अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। ऐसे में चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि मांगें मानकर राहत प्रदान की जाए।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फैकल्टी चिकित्सक एसोसिएशन के प्रधान डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि दो घंटों की यह पेनडाउन हड़ताल 17 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान आपातकालीन और कोविड सेवाएं जारी रहेंगी। वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ने कहा कि हड़ताल में सभी वर्गों के चिकित्सक जुड़े हैं। सरकार वेतन विसंगतियों को दूर कर चिकित्सकों को राहत दे। उन्हें मुख्यमंत्री से आशा है कि जल्द ही चिकित्सकों की मांगों को मानेंगे।
विज्ञापन