{"_id":"60d9d5598ebc3ef75470f633","slug":"dependents-should-get-compassionate-jobs-kharawada-hamirpur-hp-news-sml3750485128","type":"story","status":"publish","title_hn":"आश्रितों को मिले करूणामूलक नौकरी : खरावाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आश्रितों को मिले करूणामूलक नौकरी : खरावाड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन। राज्य बिजली बोर्ड में ड्यूटी के दौरान मारे गए कर्मचारियों के लिए यूनियन के प्रयासों से 10 मई 2017 को बनाई गई विशेष नीति के तहत परिवार के एक सदस्य को नौकरी और दस लाख आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। नीति विशेष के तहत ऐसे मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के लिए तो इस नीति को लागू किया जा रहा है लेकिन प्राकृतिक तौर पर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के नौकरी संबंधी 820 मामले 2003 से लंबित पड़े हैं।
यहां तक की राज्य सरकार ने नई भर्ती पर आरक्षित किए गए 5 फीसदी कोटे से भी इन परिवारों को वंचित कर इनके साथ सरासर बेइंसाफी की है। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद बिजली बोर्ड लिमिटिड में विभिन्न श्रेणियों के लगभग छह हजार पदों पर हुई नई भर्ती पर भी 5 फीसदी कोटा के तहत 300 पद बनते हैं जोकि इन परिवारों को नहीं दिए गए हैं। कुलदीप खरवाड़ा ने प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से इन मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अतिशीघ्र करूणामूलक आधार पर नियुक्तियां प्रदान करने की मांग की है। खरवाड़ा ने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश पदाधिकारियों की आवश्यक बैठक दो जुलाई को सुबह 11 बजे यूनियन मुख्यालय शिमला में होगी। इसमें कर्मचारियों के ज्वलंत मसलों के साथ-साथ बिजली बोर्ड में भ्रष्टाचारियों को दिए जा रहे संरक्षण पर भी चर्चा कर रणनीति तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
यहां तक की राज्य सरकार ने नई भर्ती पर आरक्षित किए गए 5 फीसदी कोटे से भी इन परिवारों को वंचित कर इनके साथ सरासर बेइंसाफी की है। राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद बिजली बोर्ड लिमिटिड में विभिन्न श्रेणियों के लगभग छह हजार पदों पर हुई नई भर्ती पर भी 5 फीसदी कोटा के तहत 300 पद बनते हैं जोकि इन परिवारों को नहीं दिए गए हैं। कुलदीप खरवाड़ा ने प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड के प्रबंधक वर्ग से इन मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए अतिशीघ्र करूणामूलक आधार पर नियुक्तियां प्रदान करने की मांग की है। खरवाड़ा ने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश पदाधिकारियों की आवश्यक बैठक दो जुलाई को सुबह 11 बजे यूनियन मुख्यालय शिमला में होगी। इसमें कर्मचारियों के ज्वलंत मसलों के साथ-साथ बिजली बोर्ड में भ्रष्टाचारियों को दिए जा रहे संरक्षण पर भी चर्चा कर रणनीति तैयार की जाएगी।
विज्ञापन