{"_id":"57b9f30b4f1c1b8e63d4f424","slug":"negligence-costs-three-young-lives","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही ने बुझा दिए तीन घरों के चिराग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लापरवाही ने बुझा दिए तीन घरों के चिराग
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
करंट लगने से मौत।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के समीप लाहड़ गांव में तीन घरों के चिराग बुझने के बाद पंप हाउस मालिक और बिजली बोर्ड पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। नाले में नहाते समय करंट लगने से तीन बच्चों की मौके पर मौत हो गई। तीनों पीड़ित परिवारों में एक-एक ही लड़का था। अब माता-पिता के साथ परिवार में लड़कियां बची हैं। जैसे ही घटना की सूचना बच्चों के घर में पहुंची तो लाहड़ गांव चीखो पुकार से गूंज उठा।
विज्ञापन
रविवार दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे नाले में नहा रहे तीनों बच्चों की मौत करंट लगने से हुई। ऐसे में बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली भी जांच के दायरे में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी विभागों और बिजली बोर्ड ने बिजली कनेक्शन देने से पहले निरीक्षण क्यों नहीं किया। अगर निरीक्षण किया गया तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब लोग उठा रहे हैं।
विज्ञापन
बिजली बोर्ड के अलावा संबंधित पंचायत ने भी सार्वजनिक प्राकृतिक जल स्रोत से कुछ लोगों को पानी लिफ्ट करने के लिए लोहे की पाइपें कैसे डालने दीं। बिजली बोर्ड ने बिना निरीक्षण किए कैसे मीटर कनेक्शन दे दिया। यह बात भी सामने आ रही है कि अगर पंप हाउस मालिक ने सावधानी बरती होती तो तीन घरों के चिराग बुझने से बच सकते थे।
विज्ञापन
घटना की मुझे जानकारी नहीं है। अगर करंट लगने से युवकों की मौत हुई है तो मामले की जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। हो सकता है कि लोहे की पाइपलाइन के साथ कोई लीकेज हो जिससे हादसा पेश आया हो।
- अशोक शर्मा, एक्सईएन, बिजली बोर्ड, हमीरपुर