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पैहरवीं में खैर के दर्जनों पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:53 PM IST
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बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर की पैहरवीं वन बीट में वन विभाग की बिना अनुमति से खैर के दर्जनों पेड़ काट दिए हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर 493 मोछे जब्त कर लिए हैं। वन विभाग हमीरपुर की डीएफओ प्रीति भंडारी ने टीम सहित मौके पर पहुंचकर सारे मामले का निरीक्षण किया। शनिवार रात को वन विभाग को सूचना मिली कि पैहरवीं बीट से अवैध खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं। सूचना मिलने के उपरांत वन विभाग ने हरकत में आते हुए मौके का मुआयना किया तथा खैर के मोछे जब्त कर लिए।
डीएफओ हमीरपुर ने रविवार को स्वयं टीम सहित मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन विभाग की टीम ने कई जगहों पर खैर के मोछे बरामद किए। जिन्हें विभाग ने जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने पाया कि अधिकतर पेड़ों को जड़ से ही उखाड़ दिया गया था। नियमों के अनुसार कटान के दौरान खैर के पेड़ों को जड़ से नहीं उखाड़ा जा सकता है। मौके पर अधिकतर पेड़ों को जड़ से ही उखाड़ दिया गया है जिससे मामला और भी संगीन बन गया है। विभाग के मुताबिक ठेकेदार ने पुंदड़ बीट से 180 खैर के पेड़ काटने की विभाग से अनुमति ली थी, लेकिन विभागीय जांच में ठेकेदार ने पुंदड़ बीट के साथ लगती पैहरवीं बीट से भी काफी मात्रा में खैर के पेड़ों का कटान कर लिया। पैहरवीं बीट में वन विभाग ने मलकीयत भूमि से खैर कटान के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की है। निरीक्षण के दौरान वन विभाग ने इस बीट में 45 ऐसी जगह चिन्हित की हैं, जहां से खैर के पेड़ों को जड़ों सहित ही उखाड़ दिया गया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए डीएफओ हमीरपुर ने आगामी आदेशों तक मौके पर मौजूद खैर के 493 मोछों को जब्त कर लिया है। इस मौके पर आरओ बिझड़ी विनोद कुमार और आरओ नादौन संदीप कुमार सहित अन्य विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे।
डीएफओ प्रीति भंडारी ने कहा कि विभाग ने पुंदड़ बीट में मलकीयत भूमि से ठेकेदार को खैर के 180 पेड़ों के कटान की अनुमति दी है, लेकिन पैहरवीं बीट की मलकीयत भूमि से कटान की कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है। टीम सहित पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है तथा पैहरवीं बीट में 45 स्थानों से खैर के पेड़ काटे हुए पाए गए हैं। जिन्हें आगामी आदेशों तक विभाग ने सील कर लिया है।
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डीएफओ हमीरपुर ने रविवार को स्वयं टीम सहित मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन विभाग की टीम ने कई जगहों पर खैर के मोछे बरामद किए। जिन्हें विभाग ने जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। निरीक्षण के दौरान विभाग की टीम ने पाया कि अधिकतर पेड़ों को जड़ से ही उखाड़ दिया गया था। नियमों के अनुसार कटान के दौरान खैर के पेड़ों को जड़ से नहीं उखाड़ा जा सकता है। मौके पर अधिकतर पेड़ों को जड़ से ही उखाड़ दिया गया है जिससे मामला और भी संगीन बन गया है। विभाग के मुताबिक ठेकेदार ने पुंदड़ बीट से 180 खैर के पेड़ काटने की विभाग से अनुमति ली थी, लेकिन विभागीय जांच में ठेकेदार ने पुंदड़ बीट के साथ लगती पैहरवीं बीट से भी काफी मात्रा में खैर के पेड़ों का कटान कर लिया। पैहरवीं बीट में वन विभाग ने मलकीयत भूमि से खैर कटान के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की है। निरीक्षण के दौरान वन विभाग ने इस बीट में 45 ऐसी जगह चिन्हित की हैं, जहां से खैर के पेड़ों को जड़ों सहित ही उखाड़ दिया गया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए डीएफओ हमीरपुर ने आगामी आदेशों तक मौके पर मौजूद खैर के 493 मोछों को जब्त कर लिया है। इस मौके पर आरओ बिझड़ी विनोद कुमार और आरओ नादौन संदीप कुमार सहित अन्य विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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डीएफओ प्रीति भंडारी ने कहा कि विभाग ने पुंदड़ बीट में मलकीयत भूमि से ठेकेदार को खैर के 180 पेड़ों के कटान की अनुमति दी है, लेकिन पैहरवीं बीट की मलकीयत भूमि से कटान की कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है। टीम सहित पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है तथा पैहरवीं बीट में 45 स्थानों से खैर के पेड़ काटे हुए पाए गए हैं। जिन्हें आगामी आदेशों तक विभाग ने सील कर लिया है।
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