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घंगोट पेयजल योजना के फिल्टर बैड की सफाई में जुटा विभाग
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घंगोट पेयजल योजना के फिल्टर बैड की सफाई में जुटे विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : Hamirpur-HP
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गारली (हमीरपुर)। घंगोट पेयजल योजना के फिल्टर बेड की सफाई का काम शुरू हो गया है। एलडब्ल्यूएसएस बणी-बड़सर-गारली आईबी जोन घंगोट में बिना फिल्टर बेड के सीधे नाले के पानी की सप्लाई दी जाने की खबर अमर उजाला ने 5 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद जल शक्ति विभाग बड़सर नींद से जागा।
विभागीय कर्मचारियों ने घंगोट पेयजल योजना में हुई चूक को सुधारते हुए फिल्टर बेड खाली करवाकर उन्हें साफ करना शुरू कर दिया है। विभाग ने लापरवाही को सुधारने के प्रयास में कार्य शुरू हो गया है। विभाग के अनुसार फिल्टर बेड व सेडिमिनेशन बेड पूरी तरह ठीक हैं। घंगोट पेयजल योजना के सैंपल भरकर लैब में भेज दिए हैं। ध्यानयोग्य बात है कि कोई भी अधिकारी इतने समय में घंगोट पेयजल योजना का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। यदि किसी ने भी ईमानदारी से ड्यूटी दी होती तो इतने लंबे समय से जनता दूषित जल पीने के लिए मजबूर नहीं होती। अफसरों द्वारा बरती लापरवाही भी यहां साफ देखी जा सकती है। विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद लोगों में विभाग और प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। उन्होंने जल शक्ति विभाग मंत्री से जांच की मांग की है।
इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग बड़सर सहायक अभियंता सुरेश कुमार का कहना है कि उन्होंने स्वयं जाकर मौका देखा है। काफी कुछ ठीक नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि फिल्टर बेड खाली करवाए गए हैं। उनकी साफ-सफाई की जा रही है। पानी का सैंपल भी लैब में भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
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विभागीय कर्मचारियों ने घंगोट पेयजल योजना में हुई चूक को सुधारते हुए फिल्टर बेड खाली करवाकर उन्हें साफ करना शुरू कर दिया है। विभाग ने लापरवाही को सुधारने के प्रयास में कार्य शुरू हो गया है। विभाग के अनुसार फिल्टर बेड व सेडिमिनेशन बेड पूरी तरह ठीक हैं। घंगोट पेयजल योजना के सैंपल भरकर लैब में भेज दिए हैं। ध्यानयोग्य बात है कि कोई भी अधिकारी इतने समय में घंगोट पेयजल योजना का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। यदि किसी ने भी ईमानदारी से ड्यूटी दी होती तो इतने लंबे समय से जनता दूषित जल पीने के लिए मजबूर नहीं होती। अफसरों द्वारा बरती लापरवाही भी यहां साफ देखी जा सकती है। विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद लोगों में विभाग और प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। उन्होंने जल शक्ति विभाग मंत्री से जांच की मांग की है।
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इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग बड़सर सहायक अभियंता सुरेश कुमार का कहना है कि उन्होंने स्वयं जाकर मौका देखा है। काफी कुछ ठीक नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि फिल्टर बेड खाली करवाए गए हैं। उनकी साफ-सफाई की जा रही है। पानी का सैंपल भी लैब में भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
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