फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   civic amenities

जिला में बसें तो चलीं पर नहीं मिली सवारियां

Mon, 01 Jun 2020 09:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 09:12 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। सोमवार से शुरू की गई बस सेवा का लाभ कोरोना के भय से लोगों ने बेहद कम लिया। सरकार ने बसें तो चलाईं, लेकिन इनमें सवारियां नहीं बैठीं। कई रूटों पर चार से पांच सवारियों के साथ तो कई रूटों पर बसें बिना सवारियों के ही रवाना हुई। कोरोना के डर के कारण लोग निजी वाहनों, टैक्सियों, पड़ोसियों और सहकर्मियों के वाहनों से ही गंतव्य पहुंचे। जिला में भी सोमवार को छह अंतरजिला रूटों सहित कुल 53 बसें रवाना हुईं।
विज्ञापन

किसी भी बस में सवारों की संख्या दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाईं। अमर उजाला की टीम ने जब मौके पर जाकर बसों में सवारियों की संख्या देखी तो कई बसों में चार से पांच सवार, कई में दो और कई बसें बिना यात्रियों के ही रूट के लिए रवाना हुईं। अंतर जिला रूटों पर गई बसों में भी दो से पांच सवार ही दिखे। बसें चलने के पहले दिन लोगों में कोरोना का खौफ साफ दिखा। लोगों ने बसों से यात्रा करने की बजाय निजी वाहनों, टैक्सियों और परिचितों के वाहनों में जाना बेहतर समझा। हालांकि बसों में सैनिटाइजेशन के साथ-साथ बाकायदा सीटों पर सवारों के बैठने के निशान लगाए गए थे। लेकिन बसों में अधिकतर सीटें खाली ही रहीं।
विज्ञापन

समय-सुबह सात बजे, रूट हमीरपुर से शिमला
सोमवार सुबह करीब सात बजे हमीरपुर से शिमला के लिए पहली बस रवाना हुई। इसमें महज चार सवारियां थीं। परिचालक भी चालक के समानांतर वाली सीट पर बैठा और सवारियों ने वहीं पर टिकट कटवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

समय सुबह साढ़े आठ बजे, रूट हमीरपुर से मंडी
बस में महज दो सवारियां ही रवाना हुईं। इसमें डाक भी गई। काफी देर अड्डे पर बस खड़ी रहने के बावजूद इसमें सवारियां नहीं बैठीं। महज दो यात्रियों के साथ बस मंडी के लिए रवाना हुई।
समय सुबह 9:20, रूट हमीरपुर से घोड़धवीरी
जिले के अंदर जाने वाली यह बस बिल्कुल खाली गई। इस बस में एक भी यात्री नहीं बैठा। बस बिना यात्रियों के ही रवाना हुई।
समय सुबह 11:35, रूट हमीरपुर से सुजानपुर वाया री-भलना
बस चार लोगों लेकर रवाना हुई। हालांकि कंडक्टर ने आवाजें भी लगाई लेकिन इन चार सवारों को लेकर ही बस को रवाना करना पड़ा।
समय सुबह 11:40 बजे, रूट हमीरपुर से सुजानपुर वाया ऊहल
बस रवाना होने से काफी देर पहले काउंटर पर खड़ी थी। दो सवारियों से बस में शुरूआत हुई। उसके बाद यात्रियों की संख्या सात तक पहुंची। समय पर जब बस चली तो यही सात यात्री इसमें थे।
समय दोपहर 12:15, रूट हमीरपुर से नादौन
इस बस में तहज तीन सवारियां ही रवाना हुईं। काफी देर इंतजार करने के बाद जब बस में सवारियां नहीं बढ़ी तो चालक तीन सवारों सहित ही बस को गंतव्य ले गया।
-बता दें कि निगम की 47 बसें शाम तक जिला के अंदर चलीं। छह बसें अंतर जिला में चलीं। इनमें से दो मंडी के लिए, एक शिमला के लिए, एक पालमपुर, एक बद्दी और एक धर्मपुर के लिए ग्रइ। बताया जा रहा है कि बद्दी के लिए रवाना हुई बस में आठ यात्री गए।

निजी ऑपरेटरों का नहीं निकला तेल का भी खर्च
जिले में सोमवार को निजी आपरेटरों ने 55 बसें चलाईं। इन बस संचालकों का तेल का खर्च भी पूरा नहीं हुआ। निजी बसें रूटों पर तो गईं, लेकिन इनमें भी तीन, चार, पांच सवार ही दिखे। लोकल रूटों पर चली इन बसों में जाने से भी लोगों ने परहेज किया। अंतर जिला गई बसों में तो सवारियां इक्का-दुक्का ही मिलीं। कांगड़ा के लिए रवाना हुई निजी बस में हमीरपुर से महज एक सवार गया। निजी बस आपरेटरों वीरेंद्र ठाकुर, विक्की, विजय ठाकुर, मनोज का कहना है कि एक लोकल रूट पर करीब चार से पांच हजार रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। तेल का खर्च भी पूरा नहीं हुआ। चालक-परिचालकों का वेतन कैसे देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed