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शिव कैलाशों के बासी, भोली धारों के राजा...से भक्तिमय हुआ उत्सव
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:35 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचली लोक कलाकार धीरज शर्मा ने हमीर उत्सव में शिव कैलाशों के बासी, शंकर संकट हरना गीत से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। शुक्रवार को राज्यस्तरीय हमीर उत्सव की तीसरी एवं आखिरी सांस्कृतिक संध्या का आगाज उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने जिलावासियों को हमीर उत्सव की बधाई दी।
बैजनाथ से संबंध रखने वाले धीरज शर्मा ने शिव महिमा और भक्ति गाने से अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद उन्होंने भला सिपाहिया डोगरिया, रसलिया रसलिया धारा और पहाड़ी नाटियों के अलावा हिंदी गानों ..हाल क्या है दिल का ना पूछो सनम. आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाये बहार...आदि गानों से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं मंडी से आए लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने बेटी अनमोल धन सा यारो, ओ रीनू-ओ रीनू तेरी चिट्ठी पतरी आई ना, बोतला फूटी हाय रे, बंगा चूटी ओ सरला और रोक भाविये रोक भाविये अपणी बहना...आदि मंडियाली गानों पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को खूब नचाया। इसके बाद अंत में स्टार कलाकार एवं पंजाबी गायक प्रीत हरपाल ने पंजाबी गानों से दर्शकों को भंगड़ा डालने पर मजबूर कर दिया। हमीर उत्सव की आखिरी दिन दोपहर को खेलकूद प्रतियोगिताओं के अलावा बच्चों के कार्यक्रम करवाए गए। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
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बैजनाथ से संबंध रखने वाले धीरज शर्मा ने शिव महिमा और भक्ति गाने से अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद उन्होंने भला सिपाहिया डोगरिया, रसलिया रसलिया धारा और पहाड़ी नाटियों के अलावा हिंदी गानों ..हाल क्या है दिल का ना पूछो सनम. आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाये बहार...आदि गानों से दर्शकों का मनोरंजन किया। वहीं मंडी से आए लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने बेटी अनमोल धन सा यारो, ओ रीनू-ओ रीनू तेरी चिट्ठी पतरी आई ना, बोतला फूटी हाय रे, बंगा चूटी ओ सरला और रोक भाविये रोक भाविये अपणी बहना...आदि मंडियाली गानों पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को खूब नचाया। इसके बाद अंत में स्टार कलाकार एवं पंजाबी गायक प्रीत हरपाल ने पंजाबी गानों से दर्शकों को भंगड़ा डालने पर मजबूर कर दिया। हमीर उत्सव की आखिरी दिन दोपहर को खेलकूद प्रतियोगिताओं के अलावा बच्चों के कार्यक्रम करवाए गए। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
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